रुतबे के आगे फीकी पड़ रही कार्यवाही, पूर्व भाजपा विधायक के बेटे पर लगे आरोप, जानिये पूरा मामला

land mafia

जबलपुर, संदीप कुमार। मध्यप्रदेश सरकार (MP government) भले ही माफियाओं (mafias) पर कार्यवाही के लगातार दावे करे पर असल में कार्यवाही सिर्फ उनतक ही सीमित है जिनका रुतबा (status) और रसूख कमजोर (weak) है। वहीं इसके उल्टे ऊंची पहुंच और रुतबे के चलते असल भू-माफियाओं (land mafia) के हौसले सांतवे आसमान पर हैं जिनपर पुलिस प्रशासन (police administration) की नजर ही नहीं पड़ती। ताजा मामला जबलपुर (jabalpur) का है जहाँ पूर्व भाजपा विधायक (BJP MLA) की धमकी से परेशान एक सेवा निवृत्त डॉक्टर (retired doctor) पुलिस (police) के चक्कर काटने को मजबूर है।

करीब बीस साल तक जिला अस्पताल विक्टोरिया में बतौर सिविल सर्जन सेवाएं दे चुके डॉ. जी.पी चौबे को आज अपना प्लाॅट पाने के लिए ही दर-दर भटकना पड़ रहा है। डॉ चौबे ने मदनमहल थाना पहुंचकर शिकायत में बताया कि एक प्लॉट राइट टाउन में खरीदा था, लेकिन 16 वर्ष बीत जाने के बाद भी वह उस प्लॉट में मकान नहीं बनवा पा रहे है। क्योंकि बरगी पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह के बेटे नीरज सिंह उस प्लॉट को अपना बता रहे हैं।डॉ चौबे के प्लाॅट का बकायदा जबलपुर नगर निगम से नक्शा पास है और अब जबकि वह उस प्लाट में मकान बनवाना चाहते है तो भाजपा नेत्री के पुत्र बुजुर्ग चिकित्सक के साथ धक्का-मुक्की कर, मकान निर्माण में लगे कर्मचारियों को गाली-गलौज कर वहां से भगा रहे हैं।

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भाजपा के पूर्व विधायक के बेटे से परेशान डॉक्टर

जिला अस्पताल से सेवानिवृत्त हुए पूर्व सिविल सर्जन डॉ. जी.पी चौबे ने बताया कि उन्होंने वर्ष 2004 में राइट टाऊन में प्लॉट नंबर 102 अशोक सिंह की पत्नी श्रीमती विद्या ठाकुर से खरीदा था। वह वर्तमान में अपने प्लॉट पर भवन निर्माण करना चाहते हैं, परंतु विधायक प्रतिभा सिंह के पुत्र नीरज सिंह उन्हें आवास निर्माण नहीं कराने दे रहा है, इतना ही नहीं जब उन्होंने प्लाॅट के दस्तावेज दिखाए तो विधायक पुत्र नीरज सिंह ने उनके साथ अभद्रता करते हुए धक्का दिया और वहाँ से भगा दिया। सेवानिवृत्त सिविल सर्जन ने मदनमहल थाने पहुंचकर पूर्व विधायक के बेटे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई।पीड़ित डॉक्टर ने नीरज सिंह की करतूतों से पूर्व विधायक प्रतिभा सिंह को भी अवगत करवाया तो उल्टे प्रतिभा सिंह ने आरोपो को सिरे से खारिज करते हुए साफ लफ्जों में कह दिया कि अभी आप प्लॉट पर भवन निर्माण नहीं करा सकते जिसके बाद थक-हारकर बुजुुर्ग प्लॉट में अपना मालिकाना हक पाने पुलिस के पास गए। इधर मदन महल पुलिस को जवाब भी रटा रटाया था कि जाँच की जा रही है।

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