सिंधिया का पलटवार, जिनकी विचारधारा ही नकारात्मक हो उनसे क्या अपेक्षा रखना? 

सिंधिया का पलटवार, जिनकी विचारधारा ही नकारात्मक हो उनसे क्या अपेक्षा रखना? 

ग्वालियर, अतुल सक्सेना। पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा के राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) ने कांग्रेस के उस बयान पर पलटवार किया है जिसमें कांग्रेस (Congress) ने भाजपा (BJP) के प्रशिक्षण वर्ग को फ्लॉप कहा था। सिंधिया (Scindia) ने कहा कि जिनकी विचारधारा ही नकारात्मक हो, जो कांग्रेस (Congress) कभी सकारात्मक सोच नहीं पाई उससे क्या अपेक्षा रखना कि वो वर्ग के बारे में सकारात्मक सोचे?

ग्वालियर के दौरे पर मीडिया से बात करते हुए सांसद सिंधिया (Scindia) ने कई सवालों के जवाब दिए।  पत्रकारों ने जब सिंधिया (Scindia) से कांग्रेस (Congress) के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा (Narendra Saluja) के भाजपा (BJP)के प्रशिक्षण वर्ग को फ्लॉप बताये जाने पर उनकी प्रतिक्रिया पूछी तो सिंधिया (Scindia) ने पार्टी के प्रशिक्षण वर्ग में उनके अनुभव साझा करते हुए कांग्रेस (Congress) पर पलटवार किया। सिंधिया (Scindia) ने कहा कि जिनकी विचारधारा ही नकारात्मक हो, टेढ़ी ऊँगली कभी सीधी नहीं हो सकती। भाजपा (BJP) में वर्ग रखना, वर्ग में अनेक मुद्दों पर चर्चा होना, ये एक स्वच्छ परंपरा है। वर्ग में विचारों का आदान प्रदान होना, ज्ञान प्राप्त होता है, कांग्रेस का नाम लिए बिना सिंधिया (Scindia) ने कहा कि कोई कोई अपने को अधिक ज्ञानी समझे तो उसका उतार होना शुरू हो जाता है।

भाजपा 9BJP) के वर्ग की विशेषताएं बताते हुए सिंधिया (Scindia) ने कहा कि वर्ग में व्यक्ति को समय समय पर ज्ञान प्राप्त होता है, लोगों के साथ एक समन्वय भी स्थापित होता है और मेरा जो अनुभव रहा है मुझे बहुत कुछ सीखने  को मिला। उन्होंने कहा कि मैं तीन वर्गों में शामिल हुआ जिला अध्यक्षों के, संगठन के और विधायकों के। हर वर्ग में अलग अलग सेशन में हमें प्रशिक्षण मिला है।

सांसद सिंधिया (Scindia) ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण वर्गों से ऊर्जा मिलती है, एकता बढ़ती है, समर्पण भाव बढ़ता है, आपकी संस्था के मूल्य क्या हैं? सिद्धांत क्या हैं ? प्रधानमंत्री के नेतृत्व में हमारा लक्ष्य क्या है? किस तरह उस लक्ष्य की प्राप्ति की जा सकती है, जीवनशैली जनसेवा के पथ पर किस सादगी के साथ कैसे जीना है, लोगों के दिल कैसे जीतना है, सकारात्मक सोच कैसे रखनी है, इन सब बातों का अनुभव इस वर्ग में होता है। अब जो कांग्रेस (Congress) कभी सकारात्मक सोच नहीं पाई उससे क्या अपेक्षा रखना कि वो वर्ग के बारे में सकारात्मक सोचे। वो अपना रास्ता नापे और हम लोग अपना रास्ता नाप रहे हैं।

गौरतलब है कि कांग्रेस ने भाजपा के विधायक प्रशिक्षण शिवर को फ्लॉप बताया था । कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता नरेंद्र सलूजा ने कहा था कि महाकाल की नगरी उज्जैन में आयोजित भाजपा के दो दिवसीय प्रशिक्षण शिविर में भाजपा का संगठन भले ही 126 विधायकों के आने का दावा कर रहा है, लेकिन हकीकत यह है कि 50 से अधिक विधायकों ने इससे दूरी बनाई। खासतौर पर विंध्य और महाकौशल क्षेत्र के बड़ी संख्या में विधायक अपने क्षेत्र की उपेक्षा के कारण इससे दूर रहे।

Atul Saxena
लेखक के बारे में
Atul Saxena

पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
Follow Us :GoogleNews