“देश संविधान से चलेगा आपकी धमकियों से नहीं..” नमाज को लेकर सीएम योगी के बयान पर AIMIM नेता वारिस पठान का पलटवार

सार्वजनिक जगहों पर नमाज पढ़ने को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की चेतावनी ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है, जिस पर एआईएमआईएम नेता वारिस पठान ने तीखा पलटवार किया है।
Waris Pathan

सार्वजनिक स्थलों और सड़कों पर नमाज अदा करने को लेकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा जारी की गई कड़ी चेतावनी ने पूरे प्रदेश की सियासत में गर्माहट ला दी है, जिसके तुरंत बाद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम के प्रवक्ता वारिस पठान ने इस पर अपनी तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री के बयान को सरासर गलत ठहराया है। पठान ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होना चाहिए और किसी एक विशेष समुदाय को निशाना बनाना या उसके खिलाफ नफरत फैलाना पूरी तरह से अनुचित है।

मीडिया से बातचीत के दौरान वारिस पठान ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए कहा कि वे उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के तौर पर पूरी तरह से विफल साबित हुए हैं, क्योंकि उन्होंने संविधान की शपथ ली है लेकिन इसके बावजूद वे आए दिन अनाप-शनाप बयान देते रहते हैं, कभी ‘ठोक डालूंगा’ वाली नीति की बात करते हैं तो कभी ‘कठमुल्ले’ जैसे शब्दों का प्रयोग करते हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री कितनी अव्यवस्था फैलाएंगे और किस तरह की भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जब वे कहते हैं कि नमाज शिफ्ट में पढ़ें या रास्ते में पढ़ेंगे तो ‘हम दिखाएंगे’।

पठान ने मुख्यमंत्री को याद दिलाते हुए कहा कि वे एक राज्य के मुख्यमंत्री हैं और किसी को भी रास्ते में, बारिश में या धूप में नमाज पढ़ने का शौक नहीं होता है, बल्कि अक्सर मस्जिदों में जगह की कमी होने के कारण ही लोग मजबूरन 5 मिनट के लिए रास्ते में नमाज अदा करते हैं, जिससे मुख्यमंत्री को आपत्ति हो जाती है। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि मुस्लिम समुदाय कभी भी आपत्ति नहीं करता जब हिंदू भाई ट्रेनों के अंदर या एयरपोर्ट पर भजन-कीर्तन या प्रार्थना करते हुए देखे जाते हैं।

वारिस पठान ने ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर उठाए सवाल

एआईएमआईएम नेता ने आगे पूछते हुए कहा कि मुख्यमंत्री इस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, तो क्या वे सभी को मार डालेंगे या गोली मार देंगे, और इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं होना चाहिए। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील करते हुए कहा कि वे अपने मुख्यमंत्री के अल्फाज सुनें और देखें कि क्या यही उनका ‘सबका साथ, सबका विकास और विश्वास’ है, क्योंकि जब कोई मुसलमान रास्ते पर 5 मिनट के लिए जुमे की नमाज अदा कर लेता है, तो किसके पेट में दर्द होने लगता है, जबकि वे कायदे-कानून का पालन करते हुए और किसी की आस्था को ठेस पहुंचाए बिना नमाज पढ़ते हैं, जिससे किसी को तकलीफ नहीं होती।

कांवड़ यात्रा में मुस्लिम समुदाय कभी आपत्ति नहीं उठाता: वारिस पठान

पठान ने मुख्यमंत्री को यह भी याद दिलाया कि जब कांवड़ यात्रा निकाली जाती है, तब मुस्लिम समुदाय कभी आपत्ति नहीं उठाता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि भारत का संविधान समानता की बात करता है और इस देश में जितना अधिकार मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का है, उतना ही अधिकार वारिस पठान का भी है। उन्होंने एक बार फिर दोहराया कि कानून सभी पर समान रूप से लागू होना चाहिए, लेकिन एक ही समुदाय को निशाना बनाना और उसके खिलाफ नफरत फैलाना सरासर गलत है। पठान ने कड़े शब्दों में कहा कि इस तरह की धमकी देना एक मुख्यमंत्री को शोभा नहीं देता है और उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से इस पूरे मामले पर संज्ञान लेने की मांग की।

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सार्वजनिक स्थलों पर नमाज को लेकर स्पष्ट रूप से कहा था कि सड़कों पर किसी भी तरह की अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि अगर नमाज पढ़नी है, तो उसे शिफ्ट में पढ़ा जाए या फिर अपने घर के अंदर अदा किया जाए, लेकिन सड़कों को रोकने की इजाजत किसी को भी नहीं दी जा सकती है। मुख्यमंत्री ने चेतावनी भरे लहजे में यह भी कहा था कि अगर लोग प्यार से मानेंगे तो ठीक है, अन्यथा सरकार दूसरा तरीका अपनाने पर विचार करेगी।

Banshika Sharma
लेखक के बारे में
Banshika Sharma

कंटेंट राइटर

मेरा नाम बंशिका शर्मा है। मैं एमपी ब्रेकिंग न्यूज़ में कंटेंट राइटर के तौर पर काम करती हूँ। मुझे समाज, राजनीति और आम लोगों से जुड़ी कहानियाँ लिखना पसंद है। कोशिश रहती है कि मेरी लिखी खबरें सरल भाषा में हों, ताकि हर पाठक उन्हें आसानी से समझ सके। View all posts by Banshika Sharma →
Follow Us :GoogleNews