महाराष्ट्र के पूर्व उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान हादसे में हुई मौत का मामला अब राज्य की राजनीति से निकलकर देश की संसद तक पहुंचने वाला है। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के विधायक रोहित पवार ने ऐलान किया है कि इस मुद्दे को लोकसभा और राज्यसभा में जोर-शोर से उठाया जाएगा ताकि हादसे की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच सुनिश्चित हो सके।
रोहित पवार ने बताया कि इस संवेदनशील विषय पर लोकसभा में सांसद सुप्रिया सुले और अमोल कोल्हे आवाज उठाएंगे। वहीं, राज्यसभा में यह मुद्दा उठाने के लिए शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता और सांसद संजय राउत से भी आग्रह किया गया है। उन्हें इस संबंध में एक विस्तृत पत्र सौंपकर हादसे से जुड़े कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई है। पवार का कहना है कि अजित पवार के विमान हादसे को लेकर कई तरह की शंकाएं हैं, जिनकी निष्पक्ष जांच जरूरी है।
जांच पर गंभीर सवाल, मंत्री का इस्तीफा मांगा
रोहित पवार लगातार केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। उनका तर्क है कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, मंत्री को नैतिक आधार पर पद छोड़ देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि 28 जनवरी को हुए इस घातक हादसे में शामिल कंपनी ‘वीएसआर’ को बचाने का प्रयास किया जा रहा है।
मुंबई स्थित विधान भवन परिसर में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने जांच प्रक्रिया की टाइमलाइन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, “हादसे के दिन जब अजित पवार का शव पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल में था, ठीक उसी वक्त दोपहर 1:36 बजे डीजीसीए ने अपनी शुरुआती रिपोर्ट जारी कर दी। इतनी जल्दबाजी क्यों?”
“लापरवाही की वजह से हमने एक बड़े नेता को खो दिया। वे सिर्फ डिप्टी सीएम नहीं थे, बल्कि जनता के दिलों के मुख्यमंत्री थे।” — रोहित पवार, विधायक, एनसीपी (SP)
क्या था बारामती विमान हादसा?
गौरतलब है कि 28 जनवरी 2026 को बारामती में एक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें एनसीपी नेता अजित पवार की मौत हो गई थी। वह जिला परिषद और पंचायत समिति चुनावों के लिए प्रचार करने बारामती जा रहे थे। इसी दौरान रनवे पर उतरते समय उनका विमान हादसे का शिकार हो गया। इस दुखद घटना में अजित पवार के अलावा चार अन्य लोगों की भी जान चली गई थी। इस मामले को लेकर शरद पवार गुट अब केंद्र सरकार पर दबाव बनाने की तैयारी में है।






