महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने रविवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर तीखा और सीधा हमला किया। फडणवीस ने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी के भीतर राहुल गांधी को उनके पद से हटाने का माहौल बन रहा है। उनका कहना था कि राहुल गांधी पार्टी को महत्वपूर्ण चुनावों में लगातार जीत दिलाने में नाकाम रहे हैं, जिस वजह से पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ रहा है और उनके नेतृत्व पर सवाल उठ रहे हैं। मुख्यमंत्री फडणवीस ने स्पष्ट किया कि राहुल गांधी इस समय केवल अपने राजनीतिक अस्तित्व की रक्षा के लिए संघर्ष कर रहे हैं और लगातार अपनी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व में अपनी जगह बचाने की कोशिशों में जुटे हुए हैं। फडणवीस का यह बड़ा बयान ऐसे समय में आया है जब राहुल गांधी ने भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर संविधान को खत्म करने का गंभीर आरोप लगाया था।
मुख्यमंत्री फडणवीस के इस बयान से कुछ ही घंटे पहले, राहुल गांधी ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर सीधे तौर पर हमला बोला था। गांधी ने आरोप लगाया कि इन दोनों संगठनों का मुख्य और एकमात्र उद्देश्य भारत के संविधान को समाप्त करना है। उन्होंने संविधान के महत्व पर जोर देते हुए कहा, “संविधान के बिना जिसे हम भारत कहते हैं, वह नहीं होता। भारत की पहचान, उसका ताना-बाना, उसके मूल्य और सिद्धांत सभी संविधान पर टिके हैं।” राहुल गांधी ने आरएसएस और भाजपा की विचारधारा को संविधान विरोधी करार देते हुए कहा, “आज जो लोग आरएसएस-भाजपा की सोच के हैं, वे संविधान को खत्म करना चाहते हैं। वे कुछ भी कहें, उनका असली उद्देश्य संविधान को मिटाना है क्योंकि वे नहीं चाहते कि भारत में सभी को समान माना जाए।” गांधी ने इस आरोप के जरिए यह बताने की कोशिश की कि इन संगठनों का लक्ष्य देश में समानता और न्याय के संवैधानिक सिद्धांतों को खत्म करना है।
संविधान की रक्षा हमारा उद्देश्य: राहुल गांधी का जोर
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अपने संबोधन में इस बात पर खास जोर दिया कि उनका और कांग्रेस पार्टी का मुख्य उद्देश्य भारत के संविधान की रक्षा करना और उसे मजबूत बनाना है। उन्होंने आरएसएस और भाजपा पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा, “वे (आरएसएस-भाजपा) चाहे जो करें, वे बाबा साहेब आंबेडकर जी की प्रतिमा के सामने सिर भी झुकाते हैं, लेकिन उनका वास्तविक उद्देश्य संविधान को खत्म करना ही है।” राहुल गांधी ने इसके विपरीत कांग्रेस के स्टैंड को साफ करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य संविधान की रक्षा करना और उसे मजबूत करना है। हम संविधान के मूल सिद्धांतों और बाबा साहेब के सपनों को बचाना चाहते हैं।” इस महत्वपूर्ण मौके पर राहुल गांधी नीले रंग की टी-शर्ट पहने हुए थे। उन्होंने ‘रन फॉर आंबेडकर, रन फॉर कॉन्स्टिट्यूशन’ नामक एक विशेष कार्यक्रम का भी आयोजन किया था। राहुल गांधी ने कहा कि इस दौड़ का मुख्य संदेश संविधान की भावना और उसकी रक्षा के महत्व को देश के हर कोने तक पहुंचाना है, ताकि आम जनमानस को संवैधानिक अधिकारों और मूल्यों के प्रति जागरूक किया जा सके।
राहुल गांधी ने संवैधानिक मूल्यों पर हो रहे हमलों पर व्यक्त की चिंता
इस कार्यक्रम के बाद, राहुल गांधी ने अपने आधिकारिक फेसबुक पेज पर एक विस्तृत पोस्ट साझा किया। इस पोस्ट में उन्होंने बताया कि उन्होंने मंडी हाउस से कांग्रेस की अनुसूचित जाति (एसटी) इकाई द्वारा आयोजित मैराथन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गांधी ने अपने फेसबुक पोस्ट में इस दौड़ के पीछे के गहरे मकसद को स्पष्ट किया। उन्होंने कहा, “यह दौड़ बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर के आदर्शों और भारत के संविधान के प्रति हमारी अटूट प्रतिबद्धता का प्रतीक है।” राहुल गांधी ने देश में संवैधानिक मूल्यों पर हो रहे हमलों पर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने जोर देकर कहा, “आज जब संवैधानिक मूल्यों पर चौतरफा हमला हो रहा है, हमें एकजुट होकर हर अन्याय और भेदभाव के खिलाफ उसी दृढ़ संकल्प के साथ लड़ना होगा, जैसा बाबा साहेब ने अपने जीवनकाल में दिखाया था।” उन्होंने अपने संदेश का अंत “जय भीम, जय संविधान, जय हिंद” के प्रेरक नारों के साथ किया, जो संविधान, एकता और राष्ट्रवाद के प्रति उनके समर्पण को दर्शाता है। यह उनका स्पष्ट संदेश था कि संविधान की रक्षा ही देश की रक्षा है।
राहुल गांधी के संविधान पर दिए गए इन बयानों के ठीक बाद, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने उन पर पलटवार किया। फडणवीस ने एक बार फिर अपने दावे को दोहराया कि “कांग्रेस में राहुल गांधी को हटाने का माहौल बन रहा है, क्योंकि वह पार्टी के लिए चुनावी जीत सुनिश्चित करने में असमर्थ हैं।” उन्होंने राहुल गांधी के संविधान पर दिए गए बयानों को एक राजनीतिक चाल बताया। फडणवीस ने कहा कि गांधी ने दरअसल अपनी पार्टी के भीतर जारी आंतरिक संघर्ष और उनके नेतृत्व पर उठ रहे गंभीर सवालों से लोगों का ध्यान हटाने के लिए इस तरह के बड़े बयान दिए हैं। उनका स्पष्ट मानना था कि राहुल गांधी अपनी पार्टी के भीतर की समस्याओं, विशेषकर अपने नेतृत्व को लेकर पैदा हुए गतिरोध से बचने के लिए ऐसे राजनीतिक मुद्दे उठा रहे हैं, जबकि असली मुद्दा कांग्रेस के भविष्य और उनके नेतृत्व की स्वीकार्यता को लेकर है। मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के आरोपों को उनके आंतरिक संघर्षों का परिणाम बताया।






