बारामती विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव को लेकर राजनीति तेज हो गई है। दरअसल कांग्रेस द्वारा उम्मीदवार उतारे जाने पर एनसीपी नेता पार्थ पवार की टिप्पणी के बाद एनसीपी (एसपी) सांसद सुप्रिया सुले ने मंगलवार को अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि चुनाव लड़ना हर पार्टी का संवैधानिक अधिकार है और कांग्रेस सम्मान की पात्र पार्टी है। दरअसल बारामती सीट के उपचुनाव में कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने को लेकर राजनीतिक चर्चा के बीच सुप्रिया सुले ने कहा कि किसी भी दल को चुनाव लड़ने का अधिकार है।

हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी पार्टी रही है और उसका सम्मान किया जाना चाहिए। बता दें कि सुप्रिया सुले का यह बयान पार्थ पवार की उस टिप्पणी के बाद आया, जिसमें उन्होंने कांग्रेस के उम्मीदवार उतारने की आलोचना की थी।

जानिए पार्थ पवार ने क्या कहा था?

दरअसल सोमवार को पार्थ पवार ने कहा था कि सुनेत्रा पवार के खिलाफ उम्मीदवार उतारने से कांग्रेस को नुकसान हो सकता है। पार्थ पवार के इस बयान पर एनसीपी (एसपी) प्रमुख शरद पवार ने भी प्रतिक्रिया दी थी और उनकी राजनीतिक समझ पर सवाल उठाए थे। शरद पवार ने कहा था कि कांग्रेस एक स्वतंत्र राजनीतिक दल है और उसे चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार है।

पार्थ पवार की टिप्पणी पर बोली सुप्रिया सुले

पार्थ पवार की टिप्पणी और शरद पवार की प्रतिक्रिया पर जब सुप्रिया सुले से सवाल किया गया, तो उन्होंने परिवार के सिद्धांतों का जिक्र किया। उन्होंने कहा, “हमारे परिवार में जब बड़े बोलते हैं तो हम सुनते हैं। निजी सलाह घर में दी जाती है, सार्वजनिक रूप से नहीं।” उन्होंने कहा कि उनका पालन-पोषण इसी सोच के साथ हुआ है और वह राजनीति में भी इसी तरीके से काम करती हैं।

सुप्रिया सुले ने कांग्रेस के अधिकार की बात करते हुए कहा कि कांग्रेस ने देश की आजादी और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने संविधान का उल्लेख करते हुए कहा कि संविधान के अनुसार कांग्रेस को चुनाव लड़ने का पूरा अधिकार है। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने खुद कांग्रेस के समर्थन और मार्गदर्शन में चुनाव लड़ा है और उनकी परवरिश भी उसी विचारधारा के माहौल में हुई है।

कब होगा उपचुनाव?

बारामती विधानसभा सीट पर उपचुनाव 23 अप्रैल को होना है। यह सीट अजित पवार के निधन के बाद खाली हुई थी। अजित पवार की मृत्यु 28 जनवरी को एक विमान दुर्घटना में हो गई थी। इसके बाद भाजपा के नेतृत्व वाले महायुति गठबंधन ने उनकी पत्नी सुनेत्रा पवार को निर्विरोध निर्वाचित कराने की अपील की थी। इस अपील के बाद एनसीपी (एसपी) और शिवसेना (यूबीटी) ने इस सीट पर अपने उम्मीदवार नहीं उतारे। हालांकि कांग्रेस ने आकाश मोरे को अपना प्रत्याशी घोषित कर दिया, जिससे राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

सुप्रिया सुले ने यह भी बताया कि एनसीपी नेताओं छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल ने उन्हें और शरद पवार को सुनेत्रा पवार के नामांकन के समय मौजूद रहने के लिए आमंत्रित किया था। लेकिन शरद पवार उस समय दिल्ली में राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के कार्यक्रम में व्यस्त थे, इसलिए वह वहां नहीं पहुंच सके।

जब सुप्रिया सुले से पूछा गया कि क्या वह चुनाव प्रचार के लिए बारामती जाएंगी, तो उन्होंने इस सवाल का सीधा जवाब नहीं दिया। इससे यह संकेत मिलता है कि कांग्रेस के उम्मीदवार को लेकर पवार परिवार के भीतर अलग-अलग राय हो सकती है और फिलहाल इस मुद्दे पर सार्वजनिक तौर पर ज्यादा टिप्पणी करने से बचा जा रहा है।