मुरैना जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई कर रही वन विभाग की टीम पर रेत माफियाओं ने दिनदहाड़े हमला कर दिया। इस हमले में आरक्षक हरकेश गुर्जर को ट्रैक्टर से कुचलकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद एक बार फिर साबित हो गया है कि मध्यप्रदेश में अपराधी किस कदर बेखौफ हैं।
इस घटना पर कांग्रेस भी प्रदेश सरकार को घेर रही है। नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कानून व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि मुरैना की यह घटना बेहद भयावह है और यह साबित करती है कि प्रदेश में अपराधियों में कानून का डर खत्म हो चुका है।
रेत माफिया का हमला, वन विभाग के आरक्षक को कुचला
जानकारी के अनुसार, मुरैना जिले में चंबल नदी क्षेत्र से अवैध रेत उत्खनन और उसके परिवहन पर अंकुश लगाने के लिए वन विभाग की टीम गश्त पर थी। रेत माफिया की एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने के दौरान माफियाओं ने टीम पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने ट्रैक्टर से सीधे आरक्षक हरकेश गुर्जर को कुचल दिया जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। ऐसी घटनाएं मुरैना में नई नहीं हैं। बीते सालों में कई बार रेत माफिया ने वन विभाग की टीमों पर हमले किए हैं, फायरिंग की है और ट्रैक्टर से कुचलने की कोशिशें की हैं। चंबल घाटी में अवैध खनन का माफिया लंबे समय से सक्रिय है और पुलिस प्रशासन के तमाम दावों पर ऐसी घटनाएं प्रश्नचिन्ह लगाती हैं।
उमंग सिंघार ने की कड़ी कार्रवाई की मांग
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने इस घटना को भाजपा सरकार की “सुशासन” की नाकामी करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अवैध खनन माफिया को प्रशासनिक संरक्षण मिला हुआ है, जिस कारण वे बेखौफ होकर कानून के रक्षकों पर हमला कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि इससे साबित होता है कि मध्यप्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त और अपराधियों के हौसले चरम पर है। कांग्रेस नेता ने कहा कि अवैध खनन माफिया दिनदहाड़े कानून के रक्षकों की हत्या कर रहे हैं और सरकार मूकदर्शक बनी हुई है। उन्होंने मांग की है कि मुख्यमंत्री तुरंत मामले में हस्तक्षेप करें और दोषियों की गिरफ्तारी कर उनपर कड़ी कार्रवाई की जाए।






