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छत्तीसगढ़: भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने टीएस सिंहदेव को दी कांग्रेस छोड़ने की नसीहत, कई नेताओं पर भी बोला हमला, पढ़ें खबर

Written by:Gaurav Sharma
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छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के संगठनात्मक चुनाव पर सियासत तेज़, भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने टीएस सिंहदेव को कांग्रेस छोड़ने की नसीहत दी, बोले- अपमान की भी पराकाष्ठा होती है।
छत्तीसगढ़: भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने टीएस सिंहदेव को दी कांग्रेस छोड़ने की नसीहत, कई नेताओं पर भी बोला हमला, पढ़ें खबर

छत्तीसगढ़ की सियासत में इन दिनों कांग्रेस के संगठनात्मक चुनावों को लेकर गरमागरम बहस छिड़ी हुई है। प्रदेश अध्यक्ष की कुर्सी को लेकर नेताओं के बीच जमकर खींचतान चल रही है, जिसने सियासी पारा चढ़ा दिया है। इसी बीच, भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व डिप्टी सीएम टीएस सिंहदेव को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। चंद्राकर ने सिंहदेव को कांग्रेस छोड़ने की नसीहत देते हुए कहा कि अपमान की भी एक पराकाष्ठा होती है।

चंद्राकर ने पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें बघेल ने कहा था कि वे टीएस सिंहदेव के बयानों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देते। भाजपा विधायक ने इस पर तीखा पलटवार करते हुए कहा कि सरकार बनने के बाद कांग्रेस का एक ही मिशन बन गया था – ‘बाबा साहब’ को अपमानित करना। उन्होंने ‘बाबा साहब’ (टीएस सिंहदेव) को स्पष्ट सलाह दी कि वे कांग्रेस छोड़ दें। चंद्राकर बोले, “अपमान की भी एक पराकाष्ठा होती है।” उन्होंने आगे कहा कि बाबा साहब एक गौरवशाली वंश से आते हैं। अब बाबा साहब को खुद यह फैसला करना है कि उन्हें कांग्रेस में अपमानित होते रहना है या राष्ट्र के विकास के साथ अपनी परंपराओं को आगे बढ़ाना है। चंद्राकर के इस बयान ने कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी कलह को और उजागर कर दिया है।

अजय चंद्राकर ने अमरजीत भगत के बयान पर भी किया पलटवार

इसी कड़ी में, पूर्व मंत्री अमरजीत भगत के एक बयान पर भी अजय चंद्राकर ने पलटवार किया। भगत ने कहा था कि खनिज संसाधनों से आदिवासियों को हिस्सा मिलना चाहिए। इस पर चंद्राकर ने तंज कसते हुए सवाल किया कि अगर इतनी ही चिंता थी, तो अपनी सरकार के दौरान विधानसभा या कैबिनेट में यह मुद्दा क्यों नहीं उठाया गया? उन्होंने पूछा कि क्या केंद्र सरकार को इस संबंध में एक भी पत्र लिखा गया था? चंद्राकर ने तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि सत्ता में रहते समय अपनी बात रखने का साहस नहीं होता, लेकिन कुर्सी जाने के बाद वे केवल अपनी राजनीति चमकाने के लिए बड़े-बड़े बयान देते हैं। उनका इशारा स्पष्ट रूप से कांग्रेस नेताओं के दोहरे रवैये की ओर था।

भाजपा विधायक ने भूपेश बघेल और चरण दास महंत को भी घेरा

वहीं, झीरम घाटी नक्सली हमले के तेरह साल पूरे होने पर भी विधायक चंद्राकर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जिस दिन पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल अपनी जेब में रखे सबूतों को सार्वजनिक करेंगे और कवासी लखमा को सामने रखकर पूरे प्रदेश की जनता को घटनाक्रम बताएंगे, उसी दिन झीरम कांड का पूरा सच सामने आ जाएगा। चंद्राकर ने यह भी पूछा कि नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने कवासी लखमा को अस्पताल में क्या कहा था? उन्होंने दावा किया कि जिस दिन ये सारी बातें सामने आएंगी, सारी परतें खुद-ब-खुद खुल जाएंगी। भाजपा विधायक ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने केवल सहानुभूति बटोरने के लिए इस मामले को अपना राजनीतिक ऑक्सीजन बना रखा है और इससे राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भाजपा ने इस मामलें में हर स्तर पर कार्रवाई की है और सच सामने लाने के लिए प्रतिबद्ध है।

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