
नाशिक और रायगढ़ जिलों के पालकमंत्रिपद (अभिभावक मंत्री पद) को लेकर महायुती सरकार में चल रही खींचतान के बीच भाजपा ने भंडारा जिले में बदलाव किया है। भंडारा के पालकमंत्री संजय सावकारे से यह जिम्मेदारी वापस लेकर गृहराज्यमंत्री पंकज भोयर को नया पालकमंत्री नियुक्त किया गया है। माना जा रहा है कि सावकारे के कार्यशैली से जुड़ी नाराजगी और स्थानीय स्तर पर असंतोष को देखते हुए यह फैसला लिया गया।
भंडारा जिले के पालक मंत्री को बदला
संजय सावकारे के कार्यकाल में शिकायतें थीं कि वे भंडारा जिले का दौरा नियमित तौर पर नहीं करते थे। वह केवल 15 अगस्त, 26 जनवरी और जिला नियोजन बैठकों में ही दिखाई देते थे। इस कारण नागरिकों की समस्याएं अनसुलझी रह गईं। यहां तक कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने भी असंतोष जताया। धीरे-धीरे यह मांग तेज हो गई कि जिले को ऐसा पालकमंत्री चाहिए जो स्थानीय स्तर पर मौजूद रहकर समस्याएं सुलझाए। इसी पृष्ठभूमि में सरकार ने सावकारे को हटाकर पंकज भोयर को मौका दिया।
पंकज भोयर मूल रूप से वर्धा जिले के हैं और भंडारा उसके पास ही स्थित है। ऐसे में सरकार ने उन्हें यह अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी है। अपनी नियुक्ति पर प्रतिक्रिया देते हुए भोयर ने कहा, “संजय सावकारे का काम भी अच्छा रहा, लेकिन भौगोलिक दूरी के कारण उन्हें कठिनाई आई होगी। मैं विदर्भ का ही होने के कारण यह जिम्मेदारी मुझे दी गई है। महायुती सरकार में तीन दल शामिल हैं और मैं सभी दलों के नेताओं के साथ समन्वय बनाकर काम करूंगा।”
भोयर ने आगे कहा, “केंद्र और राज्य सरकार की सैकड़ों योजनाओं को हमने वर्धा जिले में लागू किया है। अब वही योजनाएं भंडारा जिले में भी लागू की जाएंगी। इस जिम्मेदारी के लिए मैं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का आभारी हूं।” भोयर की नियुक्ति से स्थानीय स्तर पर सकारात्मक माहौल बना है और लोगों को उम्मीद है कि जिले में विकास कार्यों को गति मिलेगी।
