महाराष्ट्र में बीएमसी चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस बीच उपमुख्यमंत्री और एनसीपी प्रमुख अजित पवार के बयान ने नई हलचल मचा दी है। पवार ने साफ कहा है कि उनकी पार्टी आगामी नगर पालिका चुनावों के लिए महायुति गठबंधन के साथ जाने का फैसला हालात और जनता की मांग को देखकर ही लेगी। पुणे में मीडिया से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा, “हमने विधानसभा और लोकसभा चुनाव महायुति के साथ मिलकर लड़ा था, लेकिन नगर पालिका चुनावों में फैसला परिस्थिति और मांग के हिसाब से होगा।” उनके इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई है कि क्या एनसीपी (अजित पवार गुट) बीएमसी चुनाव में महायुति के साथ जाएगी या अलग रास्ता अपनाएगी।
वहीं दूसरी ओर, महायुति के अन्य घटक दल बीजेपी और शिंदे गुट की शिवसेना लगातार दावा करते रहे हैं कि बीएमसी का चुनाव सभी मिलकर ही लड़ेंगे। पिछले महीने बीजेपी नेता संजय उपाध्याय ने कहा था कि मुंबई महानगरपालिका पर महायुति का ही कब्जा होगा। उन्होंने भरोसा जताया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के मार्गदर्शन में बीजेपी और सहयोगी दल मजबूत रणनीति के साथ मैदान में उतरेंगे। उपाध्याय ने दावा किया था कि इस चुनाव के बाद बीएमसी में महापौर का पद महायुति के पास ही जाएगा।
महायुति में दरार के संकेत?
शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे ने भी बीते महीने यही रुख दोहराया था। उन्होंने कहा था कि महायुति गठबंधन की सभी पार्टियां लोकल बॉडी चुनावों में साथ मिलकर हिस्सा लेंगी। शिंदे ने दावा किया था कि मुंबईकरों का भरोसा गठबंधन के साथ है और जीत भी उनकी ही होगी। इस तरह महायुति में शामिल प्रमुख दल लगातार एकजुट होकर चुनाव लड़ने की बात कह रहे हैं, लेकिन अजित पवार के ताजा बयान ने राजनीतिक समीकरणों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गौरतलब है कि बीएमसी चुनाव की तारीखों का ऐलान अभी तक नहीं हुआ है। इसके बावजूद राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं क्योंकि यह चुनाव न सिर्फ मुंबई बल्कि पूरे देश की नजरों में अहम माना जाता है। बीएमसी देश की सबसे बड़ी और अमीर नगर पालिका है, जिस पर कब्जा जमाने के लिए हर दल अपनी पूरी ताकत झोंकता है। ऐसे में अजित पवार के बयान ने इस चुनाव को और दिलचस्प बना दिया है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि एनसीपी महायुति के साथ तालमेल बनाए रखती है या अलग होकर मैदान में उतरती है।





