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मुंबई को सिंगापुर-शंघाई बनाने की जरूरत नहीं, फडणवीस ने ऐसा क्यों कहा?

Written by:Neha Sharma
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महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मुंबई को सिंगापुर या शंघाई जैसा बनाने की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि बाकी शहरों को मुंबई जैसा बनने की कोशिश करनी चाहिए।
मुंबई को सिंगापुर-शंघाई बनाने की जरूरत नहीं, फडणवीस ने ऐसा क्यों कहा?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि मुंबई को सिंगापुर या शंघाई जैसा बनाने की कोई जरूरत नहीं है, बल्कि बाकी शहरों को मुंबई जैसा बनने की कोशिश करनी चाहिए। उन्होंने यह बात मुंबई में हुए CNN-News18 टाउनहॉल में कही। फडणवीस ने कहा कि मुंबई का अपना एक विशिष्ट चरित्र है, जो किसी भी अंतरराष्ट्रीय शहर से बेहतर है। हालांकि उन्होंने स्वीकार किया कि शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर और हाउसिंग के मामले में कुछ चुनौतियां हैं, जिन्हें दूर करने का काम 2014 से शुरू हुआ और अब बदलाव साफ दिख रहा है।

मुंबई को सिंगापुर-शंघाई बनाने की जरूरत नहीं

मुख्यमंत्री ने बताया कि धारावी हाउसिंग प्रोजेक्ट इस परिवर्तन का एक बड़ा उदाहरण है, जिसके तहत करीब 10 लाख लोगों को पक्के घर और बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। उन्होंने कहा कि ‘थर्ड मुंबई’ का विकास जारी है, जो अटल सेतु और नवी मुंबई एयरपोर्ट के बीच बनाया जाएगा। यहां ‘एजु सिटी’ भी विकसित होगी, जिसमें पहले से 7 अंतरराष्ट्रीय यूनिवर्सिटी आ चुकी हैं और 5 और आने वाली हैं। उन्होंने भरोसा जताया कि अगले 2-3 साल में मुंबई में बुलेट ट्रेन भी आ जाएगी। फडणवीस ने पिछली सरकारों पर आरोप लगाया कि पिछले 25 साल में “क्रोनिक कैपिटलिज्म” के कारण मुंबई का विकास अटका रहा।

बीएमसी चुनाव को लेकर फडणवीस ने कहा कि चुनाव अक्टूबर, नवंबर या दिसंबर में हो सकते हैं, हालांकि अंतिम फैसला चुनाव आयोग (EC) करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव कराना राज्य सरकार का काम नहीं बल्कि चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। EC ने प्रक्रिया शुरू कर दी है और वार्डों के गठन का पहला चरण लगभग पूरा हो चुका है। इसके बाद अपडेटेड वोटर्स लिस्ट जारी की जाएगी।

फडणवीस ने बताया कि चुनाव आयोग सभी स्थानीय निकाय चुनाव एक साथ कराने में सक्षम नहीं है, इसलिए इन्हें तीन चरणों में कराया जाएगा—पहले जिलापरिषद, फिर नगरपालिकाएं और अंत में महानगरपालिकाएं। उन्होंने कहा कि बीएमसी चुनाव अक्टूबर से दिसंबर के बीच किसी भी समय हो सकते हैं। महायुति गठबंधन को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई मतभेद नहीं है और सभी दल मिलकर चुनाव लड़ेंगे। उन्होंने कहा, “एकनाथ शिंदे और मैं एक ही पेज पर हैं,” जिससे आंतरिक कलह की अटकलों पर विराम लगाया।

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