गिरिराज सिंह के बयान पर सियासी घमासान, अबू आजमी का तीखा वार

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। आदित्य बिड़ला फैशन रिटेल फैक्ट्री के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने मुसलमानों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
गिरिराज सिंह के बयान पर सियासी घमासान, अबू आजमी का तीखा वार

केंद्रीय मंत्री और बीजेपी के वरिष्ठ नेता गिरिराज सिंह एक बार फिर अपने विवादित बयान को लेकर सुर्खियों में आ गए हैं। आदित्य बिड़ला फैशन रिटेल फैक्ट्री के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने मुसलमानों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। मंत्री ने कहा कि मुसलमान सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ तो लेते हैं, लेकिन वोट नहीं देते। इतना ही नहीं, उन्होंने मुसलमानों को नमक हराम तक कह दिया। उनके इस बयान ने न सिर्फ विपक्ष को हमलावर बना दिया, बल्कि सोशल मीडिया पर भी जोरदार बहस छेड़ दी है।

गिरिराज सिंह के इस बयान पर समाजवादी पार्टी महाराष्ट्र के अध्यक्ष अबू आजमी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। आजमी ने कहा कि मंत्री का बयान संविधान का अपमान है। उन्होंने कहा कि सरकार का पैसा किसी एक की जागीर नहीं है और यह देश के हर नागरिक के टैक्स से आता है। चाहे कोई व्यक्ति नमक खरीदे, कपड़ा खरीदे या जूता—हर खरीद पर टैक्स लगता है। ऐसे में किसी को यह अधिकार नहीं है कि वह मुसलमानों को सरकारी पैसों का नमक हराम कहे। आजमी ने कहा कि मुसलमानों को बार-बार टारगेट करना अब बर्दाश्त से बाहर हो गया है।

गिरिराज सिंह के बयान पर सियासी घमासान

सपा नेता अबू आजमी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर बीजेपी पर सीधा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस देश में विधायक, सांसद और मंत्री संविधान की शपथ लेकर जिम्मेदारी संभालते हैं, लेकिन उसके बावजूद खुलेआम संविधान की धज्जियां उड़ाई जाती हैं। आजमी ने कहा कि बीजेपी के नेता लगातार मुसलमानों को अपमानित कर रहे हैं और उन्हें निशाना बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश का हर इंसान टैक्स भरता है और यह पैसा जनता की मेहनत और पसीने की कमाई है। इसलिए किसी को यह हक नहीं है कि वह समुदाय विशेष को अपमानित करे।

इसी दौरान अबू आजमी ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि दोनों नेता उस केंद्र सरकार का समर्थन कर रहे हैं, जिसके मंत्री मुसलमानों को अपमानित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगर नीतीश और नायडू दबाव डालें तो गिरिराज सिंह को इस्तीफा देना पड़ेगा। आजमी ने दोनों राज्यों के मुसलमानों से अपील की कि वे इस मसले पर जागरूक होकर अपना विरोध दर्ज कराएं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाते हुए अबू आजमी ने कहा कि केंद्र सरकार के मंत्री लगातार भड़काऊ बयान दे रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दे रहे। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र के मंत्री नितेश राणे भी अक्सर विवादित बयान देते रहते हैं, लेकिन उन पर भी कोई कार्रवाई नहीं होती। आजमी ने कहा कि प्रधानमंत्री को इस तरह की बयानबाजी पर तुरंत कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि देश में नफरत फैलाने वाले नेताओं पर लगाम लग सके।

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