
भारत में इमीग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 एक सितंबर से लागू हो गया है। इस कानून का उद्देश्य देश में अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान करना और उन्हें वापस भेजना है। शिवसेना प्रवक्ता संजय निरुपम ने इस कानून का स्वागत किया और कहा कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी न केवल युवाओं का रोजगार छीन रहे हैं बल्कि देश के सीमित संसाधनों का भी दुरुपयोग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि 140 करोड़ की आबादी वाले भारत में ऐसे नागरिकों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और उन्हें जल्द से जल्द डिपोर्ट किया जाना चाहिए।
संजय निरुपम ने कांग्रेस-राजद पर साधा निशाना
संजय निरुपम ने कांग्रेस की वोटर अधिकार यात्रा को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव केवल अपने-अपने वोट बैंक यानी मुस्लिम और यादव समुदाय पर निर्भर हैं। निरुपम के अनुसार, कांग्रेस और राजद का वोट प्रतिशत 36 फीसदी से अधिक नहीं होगा और जनस्वराज पार्टी के आने से इसमें और कमी आ सकती है। उन्होंने स्वीकार किया कि इस यात्रा से कांग्रेस कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ा है, लेकिन इससे चुनाव में कोई बड़ी सफलता या सरकार बनाने की संभावना नहीं है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ अभद्र भाषा के इस्तेमाल पर भी निरुपम ने कांग्रेस को कठघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के मंच से पीएम मोदी को गाली देना निंदनीय है। प्रधानमंत्री न केवल देश के सम्मानित और सफल नेता हैं बल्कि उनकी माताजी अब इस दुनिया में नहीं हैं, ऐसे में उनके नाम पर अपशब्द कहना बेहद गलत है। निरुपम ने कहा कि कांग्रेस पार्टी खुद को सभ्यता और संस्कृति की पार्टी बताती है, लेकिन जब वैचारिक मतभेदों से आगे बढ़ने का समय आया तो उन्होंने गालियों का सहारा लिया। इससे प्रधानमंत्री सहित पूरे देश को दुख पहुंचा है।
निरुपम ने अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को लेकर कांग्रेस नेताओं के विवादित बयानों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि शुक्ला भारत के लिए गर्व का विषय हैं, जिन्होंने नासा के अंतरिक्ष दल में शामिल होकर देश का नाम रोशन किया। उनकी उपलब्धि पर संसद ने प्रस्ताव पारित किया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनका सम्मान किया। इसके बावजूद कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि शुक्ला पैसे देकर अंतरिक्ष यात्री बने हैं। निरुपम ने इन आरोपों को निराधार बताया और कहा कि अंतरिक्ष यात्रा से पहले कड़े शारीरिक और मानसिक परीक्षण होते हैं, जिन्हें शुक्ला ने पास किया है।
