भारत-पाकिस्तान मैच से पहले वारिस पठान का बड़ा बयान, कहा- आतंक को बढ़ावा देने वाले देश से…

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप मुकाबले से पहले एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने विवादित बयान देकर नया राजनीतिक विमर्श छेड़ दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता आया है।
भारत-पाकिस्तान मैच से पहले वारिस पठान का बड़ा बयान, कहा- आतंक को बढ़ावा देने वाले देश से…

भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले एशिया कप मुकाबले से पहले एआईएमआईएम के राष्ट्रीय प्रवक्ता वारिस पठान ने विवादित बयान देकर नया राजनीतिक विमर्श छेड़ दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान लगातार आतंकवाद को बढ़ावा देता आया है और भारत को ऐसे देश के साथ किसी भी स्तर पर क्रिकेट नहीं खेलना चाहिए। मीडिया से बातचीत में पठान ने कहा कि पूरा विश्व जानता है कि पाकिस्तान आतंकवाद का गढ़ है और भारत कई बार उसकी हिंसक गतिविधियों का शिकार हो चुका है।

वारिस पठान ने याद दिलाया कि देश ने 26/11 का मुंबई हमला, पुलवामा आतंकी हमला और पहलगाम जैसी घटनाएं झेली हैं। उन्होंने कहा, ‘‘पाकिस्तानी आतंकियों ने निर्दोष लोगों को धर्म के आधार पर मौत के घाट उतारा और हमारी बहनों का सिंदूर मिटा दिया।’’ उन्होंने आगे कहा कि भारत ने इन हमलों का करारा जवाब दिया था। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जबकि ‘ऑपरेशन महादेव’ के तहत पाकिस्तान से व्यापार और जल आपूर्ति रोक दी गई। इसके साथ ही पाकिस्तानी कलाकारों और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स पर भी प्रतिबंध लगाया गया था।

वारिस पठान का बड़ा बयान

पठान ने सवाल उठाया कि जब भारत ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद समर्थक देश साबित करने के लिए एफएटीएफ की निगरानी सूची में डालने की वकालत की और उसे अलग-थलग करने की कोशिश की, तो ऐसे में उसकी क्रिकेट टीम के साथ मुकाबला करना किस तरह सही ठहराया जा सकता है। उन्होंने कहा, ‘‘हम पहलगाम के पीड़ितों को क्या जवाब देंगे? आखिर क्यों हम ऐसे देश के साथ खेल रहे हैं, जिसने हमारे सैनिकों और नागरिकों का खून बहाया है? भारत को इस मैच का बहिष्कार करना चाहिए और मैं तो यह मैच नहीं देखूंगा।’’

वारिस पठान का यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबले को लेकर क्रिकेट प्रेमियों में उत्साह चरम पर है। दोनों देशों के बीच राजनीतिक और कूटनीतिक रिश्ते लंबे समय से तनावपूर्ण रहे हैं, लेकिन क्रिकेट हमेशा से भावनाओं का केंद्र रहा है। पठान के बयान ने सोशल मीडिया पर नई बहस छेड़ दी है। एक ओर लोग मानते हैं कि खेल को राजनीति से अलग रखना चाहिए, जबकि दूसरी ओर बड़ी संख्या में लोग इस बात से सहमत हैं कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले देश से क्रिकेट संबंध भी खत्म कर देने चाहिए। अब सबकी नजर इस पर है कि इस बयान का एशिया कप में होने वाले महामुकाबले पर क्या असर पड़ेगा।

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