महाराष्ट्र में अचानक बढ़ी पेट्रोल-डीजल की मांग और उसकी संभावित जमाखोरी पर राज्य सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है। दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ईंधन की फर्जी कमी पैदा करने या जमाखोरी में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। मंत्रिमंडल बैठक के बाद मुख्यमंत्री फडणवीस ने राज्य में ईंधन आपूर्ति की स्थिति, जमाखोरी की आशंका और प्याज के मुद्दे पर सरकार की प्रतिबद्धता स्पष्ट की।
दरअसल मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र में पेट्रोल और डीजल की मांग सामान्य स्तर से काफी अधिक बढ़ गई है। सरकार इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए सक्रियता से काम कर रही है और उसी अनुसार अतिरिक्त आपूर्ति भी सुनिश्चित कर रही है। आंकड़ों के अनुसार, पेट्रोल की आपूर्ति में 23 प्रतिशत और डीजल की आपूर्ति में 52 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। इसके बावजूद, कुछ जगहों पर कमी जैसी स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिससे कहीं न कहीं जमाखोरी की आशंका बलवती हो रही है। मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी चिंता व्यक्त की कि वाणिज्यिक तेल की खपत में कमी दिखाई दे रही है, जबकि कुल मांग बढ़ी है। इसे देखते हुए यह जांच की जा रही है कि कहीं बढ़ी हुई ईंधन खपत को व्यावसायिक उपयोग की ओर तो नहीं मोड़ा जा रहा है। इस पूरी स्थिति पर आपूर्ति और गृह विभाग संयुक्त रूप से कार्रवाई करेंगे ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोका जा सके।
ईंधन की आपूर्ति को लेकर सरकार ने किया स्पष्ट
वहीं राज्य के कई जिलों में ईंधन खरीद में अप्रत्याशित वृद्धि दर्ज की गई है। विदर्भ और मराठवाड़ा क्षेत्र के अकोला, गोंदिया, अमरावती, गढ़चिरौली, संभाजीनगर, बीड और जालना जैसे जिलों में ईंधन की मांग में 70 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी सामने आई है। इसी तरह, कई अन्य जिलों में डीजल की बिक्री में भी 60 से 100 प्रतिशत तक की वृद्धि देखी गई है। इन आंकड़ों के बावजूद, सरकार ने स्पष्ट किया है कि राज्य में 23 प्रतिशत अतिरिक्त ईंधन की आपूर्ति की जा रही है, जो बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त है।
अफवाहों पर ध्यान न दें: मुख्यमंत्री
वहीं मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा कि जमाखोरों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई करने के आदेश प्रशासन को दिए गए हैं। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और घबराकर अनावश्यक रूप से ईंधन की खरीद न करें। सरकार स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि सभी को पर्याप्त ईंधन उपलब्ध हो।
दरअसल मंत्रालय में आयोजित पेट्रोल-डीजल वितरण समीक्षा बैठक में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने भी राज्य में ईंधन आपूर्ति की स्थिति को पूरी तरह सुचारु बताया। उन्होंने तेल कंपनियों को निर्देश दिए कि वे जिला और तालुका स्तर पर व्यापक जनजागृति अभियान चलाएं। इन अभियानों का उद्देश्य नागरिकों तक सही और विश्वसनीय जानकारी लगातार पहुंचाना है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक सूचना या अफवाहों का खंडन किया जा सके। मंत्री भुजबल ने कहा कि कुछ जगहों पर छोटी-मोटी घटनाओं को आधार बनाकर ईंधन संकट की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिससे बाजार में फर्जी कमी की स्थिति पैदा हो सकती है। उन्होंने स्थानीय प्रशासन और तेल कंपनियों को यह भी निर्देश दिए कि वे अतिरिक्त खरीद और संभावित जमाखोरी पर पैनी नजर रखें और ऐसी किसी भी गतिविधि के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करें।






