प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई 2026 को अपने कार्यकाल के सफलतापूर्वक 12 वर्ष पूर्ण किए हैं। वहीं इस ऐतिहासिक अवसर पर, मुंबई के प्रभादेवी स्थित रविंद्र नाट्यमंदिर में ‘राष्ट्र निर्माण की तपपूर्ति’ नामक एक विशेष संग्रहणीय अंक का विमोचन महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस के कर-कमलों से संपन्न हुआ। इस गरिमामय कार्यक्रम में भारतीय जनता पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष रविंद्र चव्हाण, मुंबई अध्यक्ष अमित साटम, मंत्री मंगल प्रभात लोढ़ा, विधायक निरंजन डावखरे, संजय कुटे और सुनील राणे सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। वहीं इस अवसर पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रेरणादायी कार्यकाल की अनेक महत्वपूर्ण उपलब्धियों का विस्तृत उल्लेख किया।
दरअसल मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने 12 वर्षों के कार्यकाल में यह सिद्ध कर दिखाया है कि देश के आत्मगौरव को पुनः जागृत करके सुदूरगामी और अभूतपूर्व परिवर्तन लाए जा सकते हैं। उन्होंने भारत को केवल अनुदानों पर निर्भर रहने की मानसिकता से बाहर निकालकर वैश्विक मंच पर सम्मानपूर्वक स्थापित करने का महती कार्य किया है। इतना ही नहीं, प्रधानमंत्री ने ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को एक नई दिशा प्रदान करते हुए देश को ‘मेक फॉर वर्ल्ड’ की ओर अग्रसर करने में भी अपना अमूल्य योगदान दिया है।
सफल नेतृत्व का प्रत्यक्ष प्रमाण है प्रधानमंत्री मोदी
मुख्यमंत्री फडणवीस ने आगे कहा कि जो भारत कभी एक याचक राष्ट्र के रूप में देखा जाता था, उसे प्रधानमंत्री मोदी जी ने एक उभरती हुई वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का 26 मई 2026 को पूर्ण हो रहा 12 वर्षों का यह कार्यकाल, उनकी दूरदर्शिता, परिवर्तनकारी सोच और सफल नेतृत्व का प्रत्यक्ष प्रमाण है, जो देश और समस्त भारतीयों के लिए एक वरदान सिद्ध हुआ है।
पिछले 12 वर्षों में किया गया कार्य असाधारण रूप से व्यापक: मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पिछले 12 वर्षों में किया गया कार्य असाधारण रूप से व्यापक और राष्ट्रव्यापी महत्व का है, जिसे एक ही पुस्तक में समेटना अत्यंत कठिन है। उन्होंने बल देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने देश के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए निरंतर और अथक प्रयास किए हैं। ‘हर घर शौचालय’ और ‘उज्ज्वला गैस योजना’ जैसी महत्वाकांक्षी योजनाओं के माध्यम से जन कल्याण हेतु अनेक क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं। सरकार ने लोगों को केवल अनुदान पर निर्भर न रखते हुए, जन-केंद्रित विकास का एक नया एजेंडा अपनाया है। इसी का परिणाम है कि पिछले 10 वर्षों में 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से बाहर निकालने में उल्लेखनीय सफलता अर्जित की गई है।
मुख्यमंत्री ने आर्थिक प्रगति का उल्लेख भी किया
मुख्यमंत्री ने आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत का सकल घरेलू उत्पाद (GDP) 2013-14 में 103 लाख करोड़ रुपये था, जो 2025-26 तक बढ़कर 357 लाख करोड़ रुपये हो गया है, अर्थात इसमें तीन गुना वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं, महाराष्ट्र का सकल घरेलू उत्पाद भी 2013-14 में 13 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 2025-26 में 54 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। यह अभूतपूर्व प्रगति वैश्विक पटल पर परिलक्षित हुई है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हुआ यह विकास मात्र घोषणाओं का प्रतिफल नहीं, बल्कि सुविचारित योजनाबद्धता और विकासोन्मुखी रणनीति का प्रत्यक्ष परिणाम है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र चव्हाण ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में भारत आज एक सशक्त और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में उभर रहा है, जो तेजी से एक प्रमुख आर्थिक महाशक्ति बनने की ओर अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भारत डिजिटल रूप से सशक्त है, उद्यमिता को प्रोत्साहित करने वाला है और नारीशक्ति के सशक्तिकरण को अपना केंद्र बिंदु मानता है। ‘राष्ट्र निर्माण की तपपूर्ति’ को उन्होंने केवल एक संग्रहणीय अंक नहीं, बल्कि देश में आए युगांतरकारी परिवर्तन का एक जीवंत ऐतिहासिक दस्तावेज बताया है।
दरअसल रविंद्र चव्हाण ने आगे कहा कि पिछले एक दशक में आम जनजीवन में आए सकारात्मक परिवर्तन को प्रत्येक भारतीय ने प्रत्यक्ष अनुभव किया है। उन्होंने कहा कि किसानों, मजदूरों, गरीबों और वंचित वर्गों को सम्मानजनक जीवन जीने का सुअवसर देने वाली एक नई व्यवस्था इस सरकार ने स्थापित की है। पारदर्शी और जवाबदेह शासन व्यवस्था के कारण सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे अंतिम व्यक्ति तक पहुंचा है। उनके अनुसार, गरीबों के घरों में खुशियों का उजाला हुआ है, महिलाओं के जीवन में गरिमा और सम्मान बढ़ा है, युवाओं के लिए असीम अवसरों का सृजन हुआ है और नागरिकों के मन में नव-आत्मविश्वास का संचार हुआ है।






