महाराष्ट्र की राज्यसभा राजनीति में मंगलवार, 3 मार्च को नई हलचल तब दिखी जब एनसीपी (SP) की सांसद सुप्रिया सुले और नेता जयंत पाटील ने मुंबई स्थित मातोश्री में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे से मुलाकात की। महाविकास अघाड़ी (MVA) के भीतर चर्चा का केंद्र एक ऐसी सीट है, जिस पर गठबंधन की जीत की संभावना बताई जा रही है। इसी संदर्भ में शरद पवार को दोबारा राज्यसभा भेजने का प्रस्ताव आगे बढ़ता दिख रहा है।
मुलाकात के बाद जयंत पाटील ने कहा कि यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं थी, बल्कि पार्टी कार्यकर्ताओं की अपेक्षाओं को लेकर की गई थी। उनके अनुसार, एनसीपी कार्यकर्ताओं की स्पष्ट इच्छा है कि शरद पवार फिर से उच्च सदन में जाएं, और इसी मांग को लेकर उन्होंने उद्धव ठाकरे के सामने बात रखी।
“शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे से हम मिले हैं. सुप्रिया सुले और मैं दोनों साथ में ही उद्धव ठाकरे से मुलाकात की. हमारे राष्ट्रवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की अपेक्षा और आग्रह है कि शरद पवार साहब को एक फिर से राज्यसभा जाना चाहिए और इसलिए हमने उनसे अनुरोध किया. उन्होंने हमें कहा कि महाविकास अघाड़ी का निर्णय कांग्रेस, एनसीपी (एसपी) और शिवसेना साथ मिलकर कर लेंगे.” — जयंत पाटील
5 मार्च नामांकन की डेडलाइन, इसलिए तेज हुई बातचीत
राज्यसभा चुनाव के कार्यक्रम के बीच सबसे अहम बिंदु समयसीमा है। महाराष्ट्र में इस चरण के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च है। ऐसे में MVA के तीनों प्रमुख घटक दल—कांग्रेस, एनसीपी (SP) और शिवसेना (UBT)—के बीच सीट और उम्मीदवार पर त्वरित सहमति जरूरी हो गई है।
जयंत पाटील से जब पूछा गया कि क्या कांग्रेस इस प्रस्ताव पर सहमत है, तो उन्होंने कहा कि कांग्रेस से पहले ही आग्रह किया जा चुका है और 4 मार्च तक निर्णय आने की उम्मीद है। शरद पवार की व्यक्तिगत सहमति पर उन्होंने कहा कि उनसे आग्रह किया गया है, लेकिन गठबंधन की तीनों पार्टियों की चर्चा पूरी होने के बाद ही अंतिम रूप से उन्हें बताया जाएगा।
इस बयान से इतना साफ है कि प्रक्रिया दो स्तरों पर चल रही है—पहला, गठबंधन के भीतर राजनीतिक सहमति; दूसरा, उम्मीदवार की अंतिम स्वीकृति। फिलहाल इन दोनों पर एक साथ काम हो रहा है।
शिवसेना (UBT) की ओर से क्या कहा गया
उद्धव ठाकरे के बेटे और शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने भी इस मुलाकात की पुष्टि की। उन्होंने कहा कि सुप्रिया सुले और जयंत पाटील ने मातोश्री में उद्धव ठाकरे से मुलाकात की है, लेकिन राज्यसभा सीट पर अभी कोई अंतिम फैसला नहीं हुआ है। उनके मुताबिक यह निर्णय जल्द लिया जाएगा और MVA के सहयोगी दल सीट बंटवारे तथा राजनीतिक समन्वय पर संयुक्त बैठक करेंगे।
“एनसीपी (एसपी नेता सुप्रिया सुले और जयंत पाटिल जी ने आज मातोश्री में उद्धव ठाकरे जी से मुलाकात की. राज्यसभा सीट पर अभी तक कोई फैसला नहीं हुआ है, और जल्द ही लिया जाएगा. एमवीए के सभी सहयोगी दल सीट और राजनीतिक गठबंधन पर चर्चा के लिए एक साथ बैठेंगे.” — आदित्य ठाकरे
आदित्य ठाकरे के बयान ने यह संकेत दिया कि मुलाकात को लेकर राजनीतिक संदेश स्पष्ट है, लेकिन आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है। यानी गठबंधन में बातचीत सकारात्मक दिशा में है, पर औपचारिक निष्कर्ष तक पहुंचना अभी शेष है।
महाराष्ट्र की 7 सीटें, 2 अप्रैल को खत्म हो रहा मौजूदा कार्यकाल
महाराष्ट्र में राज्यसभा की कुल 7 सीटों पर चुनाव होना है। जिन सदस्यों का कार्यकाल 2 अप्रैल को समाप्त हो रहा है, उनमें शरद पवार, रामदास अठावले, फौजिया खान, रजनी पाटिल, प्रियंका चतुर्वेदी, धैर्यशील पाटिल और भागवत कराड शामिल हैं। यही वजह है कि अलग-अलग दल अभी से अपनी गणित और गठबंधन रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।
राष्ट्रीय स्तर पर देखें तो 10 राज्यों की 37 राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है। महाराष्ट्र का समीकरण इसलिए ज्यादा ध्यान में है क्योंकि यहां सहयोगी दलों की एकजुटता सीधे उम्मीदवार चयन और जीत की संभावना को प्रभावित करती है।
फिलहाल स्थिति यही है कि शरद पवार के नाम पर आग्रह औपचारिक रूप से सामने आ चुका है, सहयोगी दलों के बीच चर्चा जारी है, और फैसला समयसीमा के दबाव में जल्द अपेक्षित है। नामांकन की तारीख नजदीक होने से अगले 24 घंटे राज्यसभा उम्मीदवार को लेकर निर्णायक माने जा रहे हैं।






