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नागपुर में SBL एनर्जी विस्फोटक फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 15 मजदूरों की मौत, 18 लोग गंभीर रूप से घायल

Written by:Ankita Chourdia
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महाराष्ट्र के नागपुर जिले में एक विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री में हुए भीषण धमाके में कम से कम 15 लोगों की जान चली गई, जबकि 18 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दर्दनाक हादसा काटोल तालुका की SBL एनर्जी लिमिटेड कंपनी में हुआ, जहां डेटोनेटर और एक्सप्लोसिव बनाए जाते हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
नागपुर में SBL एनर्जी विस्फोटक फैक्ट्री में भीषण ब्लास्ट, 15 मजदूरों की मौत, 18 लोग गंभीर रूप से घायल

महाराष्ट्र के नागपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां काटोल तालुका में स्थित एक विस्फोटक बनाने वाली फैक्ट्री SBL एनर्जी लिमिटेड में एक शक्तिशाली धमाका हुआ, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई। इस हादसे में 18 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें तत्काल नागपुर के ऑरेंज सिटी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के अनुसार, यह कंपनी विस्फोटक डेटोनेटर और अन्य एक्सप्लोसिव सामग्री का निर्माण करती है। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास का इलाका दहल गया। घटना के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

राहत और बचाव कार्य जारी

घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की गाड़ियां और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई। फिलहाल राहत और बचाव का कार्य तेजी से चल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, धमाके के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस और संबंधित एजेंसियां इस बात की जांच कर रही हैं कि विस्फोट कैसे और किन परिस्थितियों में हुआ। शुरुआती तौर पर इसे एक औद्योगिक दुर्घटना माना जा रहा है।

प्रशासन का कहना है कि उनकी पहली प्राथमिकता घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराना और यह सुनिश्चित करना है कि मृतकों के शवों की पहचान कर उनके परिजनों को सूचित किया जाए।

आंध्र प्रदेश में भी हुआ था ऐसा ही हादसा

गौरतलब है कि हाल ही में आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले में भी एक पटाखा बनाने वाली यूनिट में इसी तरह का एक बड़ा विस्फोट हुआ था। उस हादसे में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें नौ महिलाएं शामिल थीं। इस घटना में भी कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे।

आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने उस घटना के बाद मृतकों के परिजनों के लिए 20-20 लाख रुपये की अनुग्रह राशि की घोषणा की थी और घायलों के इलाज का पूरा खर्च सरकार द्वारा वहन करने का आश्वासन दिया था। नागपुर की यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

Ankita Chourdia
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