महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान कृषि मंत्री माणिकराव कोकाटे का ऑनलाइन रमी खेलते हुए वीडियो वायरल होने के बाद शुरू हुआ विवाद अभी तक थमा नहीं है। आज माणिकराव कोकाटे ने राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उपमुख्यमंत्री अजित पवार से मुलाकात की। इस मुलाकात के बाद यह चर्चा जोरों पर है कि कोकाटे को मंत्री पद से हटाया जाएगा या सिर्फ चेतावनी दी जाएगी। यह पहली बार नहीं है जब कोकाटे विवादों में आए हों—पूर्व में भी उनके कई बयान विवाद का कारण बने हैं। मुख्यमंत्री ने भी कोकाटे की हरकतों को लेकर नाराजगी जताई है।
माणिकराव कोकाटे की मुश्किलें बढ़ीं
एनसीपी के कई मंत्रियों का मानना है कि कोकाटे से इस्तीफा लेने के बजाय उन्हें स्पष्टीकरण देने का मौका मिलना चाहिए। सूत्रों के मुताबिक, कृषि विभाग से हटाकर उन्हें कोई और विभाग दिया जा सकता है, क्योंकि मौजूदा समय में कृषि विभाग की जिम्मेदारी काफी संवेदनशील मानी जा रही है। राज्य में किसान आत्महत्या और कृषि संकट जैसे गंभीर मुद्दे हैं, जिन पर गंभीरता की आवश्यकता है। लेकिन कोकाटे के बयानों और व्यवहार से उनके प्रति नाराजगी और आलोचना बढ़ गई है।
इससे पहले अजित पवार से किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात की और कोकाटे के समर्थन में उनके इस्तीफे का विरोध किया। प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि कोकाटे अच्छे कृषि मंत्री हैं और उनसे इस्तीफा न लिया जाए। इस पर अजित पवार ने स्पष्ट कहा, “यह मामला अब मेरे हाथ में नहीं है।” इसके बाद से कोकाटे का मंत्री पद खतरे में माना जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बैठक में अजित पवार ने कोकाटे को स्थिति की गंभीरता समझा दी है।
अजित पवार ने क्या कहा?
बैठक के दौरान अजित पवार ने कोकाटे को फटकार लगाते हुए कहा, “आप सरकार को बदनाम कर रहे हैं, बोलते समय सावधानी ज़रूरी है। आपके बयान से सरकार की छवि खराब हुई है। हमने आपका काफी ख्याल रखा, लेकिन अब मामला बहुत आगे निकल चुका है। मुख्यमंत्री ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है।” अजित पवार के इस सख्त रुख के बाद कोकाटे की राजनीतिक स्थिति और भी डावांडोल हो गई है।





