मराठा समुदाय को आरक्षण देने की मांग को लेकर आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल मुंबई के आजाद मैदान में दो दिनों से अनशन पर बैठे हैं और शनिवार को भी वे ओबीसी कोटे से आरक्षण देने की मांग पर अड़े रहे। इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आंदोलन को लेकर राज्य के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से बातचीत की। सूत्रों का कहना है कि शाह ने मनोज जरांगे की मांगों पर विस्तार से चर्चा की है और जल्द ही मुख्यमंत्री के साथ इस मुद्दे पर गहन मंथन किया जाएगा, ताकि कोई ठोस समाधान निकल सके।
मराठा आरक्षण आंदोलन पर सियासत गरमाई
इधर, मराठा आंदोलन के मुख्य संयोजक चंद्रकांत भराट ने स्पष्ट किया कि आंदोलनकारियों ने कभी 10 प्रतिशत आरक्षण की मांग नहीं की है। उन्होंने कहा कि मराठा समाज की जनसंख्या महाराष्ट्र में 35 प्रतिशत से ज्यादा है, इसलिए उन्हें कुनबी कोटे से आरक्षण मिलना चाहिए। भराट का कहना है कि उनकी लड़ाई सिर्फ समान अधिकारों और जनसंख्या के आधार पर हिस्सेदारी को लेकर है, न कि किसी नए अलग आरक्षण कोटे के लिए।
लेकिन आंदोलन के बीच एक दुखद घटना ने सबको झकझोर दिया। लातूर जिले के अहमदपुर तालुका के टकलगांव निवासी विजय घोगरे नामक मराठा कार्यकर्ता की दिल का दौरा पड़ने से मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि उन्हें जेजे अस्पताल लाया गया था, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इससे पहले जुन्नार में भी एक मराठा कार्यकर्ता की मुंबई की ओर मार्च करते समय हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। लगातार हो रही मौतों के बाद प्रदर्शनकारियों से अपील की जा रही है कि वे अपनी सेहत का ध्यान रखें और तबीयत बिगड़ने पर तुरंत इलाज कराएं। साथ ही यह सवाल भी उठ रहा है कि मृतक कार्यकर्ताओं के परिवारों को सरकार की ओर से मदद मिलेगी या नहीं।
इस बीच, मुंबई पुलिस ने मराठा आंदोलन को एक दिन और जारी रखने की अनुमति दे दी है। शुक्रवार को पुलिस ने केवल एक दिन के लिए अनुमति दी थी, जिससे शनिवार शाम को यह सवाल उठ खड़ा हुआ था कि क्या आंदोलन रविवार को भी जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों द्वारा दी गई अर्जी पर विचार करते हुए पुलिस ने समय सीमा बढ़ा दी है। अब रविवार को भी मनोज जरांगे का अनशन और आंदोलन जारी रहेगा। आंदोलन में हजारों की संख्या में मराठा समाज के लोग जुट चुके हैं, जिससे सरकार और प्रशासन पर दबाव और बढ़ गया है।





