मुंबई से सटे मीरा-भायंदर इलाके में पुलिस ने ड्रग्स के खिलाफ सबसे बड़ी कार्रवाई में से एक को अंजाम दिया है। गुप्त सूचना के आधार पर की गई इस छापेमारी में पुलिस ने करीब ₹12,000 करोड़ की ड्रग फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया। फैक्ट्री के अंदर हजारों लीटर कच्ची ड्रग्स तैयार की जा रही थी, जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजार में भेजने की तैयारी थी। मौके पर अफरातफरी मच गई और पुलिस ने घेराबंदी कर 12 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस को बीते कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि मीरा-भायंदर क्षेत्र में बड़े पैमाने पर ड्रग्स का निर्माण हो रहा है। इसके बाद टीम ने जाल बिछाकर छापेमारी की। जैसे ही पुलिस मौके पर पहुंची, वहां मौजूद लोग भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें दबोच लिया। इस कार्रवाई में पुलिस ने मौके से बड़ी मात्रा में कच्ची ड्रग्स बरामद की, जिससे साफ है कि यह फैक्ट्री लंबे समय से सक्रिय थी।

32,000 लीटर कच्ची ड्रग्स बरामद

अधिकारियों के मुताबिक, पुलिस को लगभग 32,000 लीटर कच्ची ड्रग्स बरामद हुई। इस ड्रग्स को प्रोसेस करके अंतरराष्ट्रीय बाजार और देश के अन्य हिस्सों में सप्लाई करने की तैयारी थी। इसकी अनुमानित कीमत ₹12,000 करोड़ बताई गई है। पुलिस ने कहा कि यह हाल के समय की सबसे बड़ी सफलता है और इससे जुड़े और लोगों तक पहुंचने के लिए जांच जारी है।

ड्रग्स के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार और पुलिस लंबे समय से सख्त रुख अपनाए हुए हैं। बीते कुछ महीनों में राज्य में कई जगहों पर बड़ी ड्रग फैक्ट्रियों का भंडाफोड़ किया गया है। सरकार लगातार कह रही है कि ड्रग्स के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जाएगी। ड्रग्स माफिया अक्सर युवाओं को निशाना बनाते हैं, इसलिए पुलिस और एनसीबी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) लगातार एक्शन मोड में हैं।

यह कोई पहली बार नहीं है जब महाराष्ट्र में इतनी बड़ी मात्रा में ड्रग्स पकड़ी गई हो। अप्रैल में साकीनाका पुलिस ने वसई की एक फैक्ट्री से 8 करोड़ रुपये की एमडी ड्रग्स बरामद की थी और तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। वहीं बार्शी में भी एक बड़े ड्रग्स रैकेट का खुलासा हुआ था, जिसमें सात आरोपी पकड़े गए थे। मीरा-भायंदर की यह कार्रवाई अब तक की सबसे बड़ी मानी जा रही है, जिससे ड्रग्स माफियाओं पर पुलिस की सख्ती साफ नजर आ रही है।