मुंबई का ऐतिहासिक एल्फिंस्टन रोड ब्रिज ढहाया, अब बनेगा आधुनिक डबल-डेकर पुल

मुंबई का 100 साल से अधिक पुराना एल्फिंस्टन रोड रेलवे ओवरब्रिज (ROB) अब इतिहास बन गया है। 12 सितंबर की शाम से इस पुल को तोड़ने का काम शुरू हो गया। ब्रिटिश काल में बना यह पुल परेल और प्रभादेवी को जोड़ने वाला अहम संपर्क मार्ग था।
मुंबई का ऐतिहासिक एल्फिंस्टन रोड ब्रिज ढहाया, अब बनेगा आधुनिक डबल-डेकर पुल

मुंबई का 100 साल से अधिक पुराना एल्फिंस्टन रोड रेलवे ओवरब्रिज (ROB) अब इतिहास बन गया है। 12 सितंबर की शाम से इस पुल को तोड़ने का काम शुरू हो गया। ब्रिटिश काल में बना यह पुल परेल और प्रभादेवी को जोड़ने वाला अहम संपर्क मार्ग था। इसे तोड़कर सेवरी-वर्ली एलीवेटेड कनेक्टर प्रोजेक्ट के तहत नया डबल-डेकर ब्रिज बनाया जाएगा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह प्रोजेक्ट मुंबई के ट्रैफिक नेटवर्क के लिए गेम-चेंजर साबित होगा क्योंकि इससे पूर्व-पश्चिम संपर्क मजबूत होगा और भीड़भाड़ कम होगी।

मुंबई ट्रैफिक पुलिस ने 11 सितंबर को एल्फिंस्टन ROB को बंद करने की आधिकारिक घोषणा की और वैकल्पिक यातायात योजना जारी की। दरअसल, पहले इस पुल को 25 अप्रैल से बंद करने की तैयारी थी, मगर ट्रैफिक जाम और लोगों की असुविधा को देखते हुए उस समय फैसला टाल दिया गया था। अब पुल तोड़े जाने के बाद दादर, लोअर परेल, करी रोड और भारतमाता जैसे इलाकों के रूट प्रभावित होंगे। ट्रैफिक पुलिस ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए नए रूट तय किए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह बदलाव लोगों के हित में है और लंबे समय में इससे राहत मिलेगी।

मुंबई का ऐतिहासिक एल्फिंस्टन रोड ब्रिज ढहाया

पुराने एल्फिंस्टन ROB की चौड़ाई सिर्फ 13 मीटर थी, जिसमें दोनों दिशाओं में मुश्किल से डेढ़-डेढ़ लेन का ट्रैफिक समा पाता था। नए डबल-डेकर ब्रिज की डिजाइन आधुनिक होगी और यह दो स्तरों पर बनेगा। पहले लेवल पर डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर रोड और सेनापति बापट रोड के बीच 2+2 लेन होंगे, जबकि दूसरे लेवल पर मुंबई ट्रांस हार्बर लिंक (अटल सेतु) से बांद्रा-वर्ली सी लिंक तक 2+2 लेन होंगे। इस नए स्ट्रक्चर से यातायात सुचारु होगा और मुंबई के लिए कनेक्टिविटी का एक नया आयाम जुड़ेगा।

यह पुल 4.5 किलोमीटर लंबे सेवरी-वर्ली एलीवेटेड कनेक्टर प्रोजेक्ट का हिस्सा है। इस लिंक से MTHL को BWSL से जोड़ा जाएगा, जिससे मुंबई के उत्तरी और दक्षिणी हिस्सों के बीच तटीय मार्गों पर यातायात तेज होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस डबल-डेकर पुल के बनने से न सिर्फ समय और ईंधन की बचत होगी बल्कि मुंबई के तटीय मार्गों को आधुनिक स्वरूप देने में भी यह अहम भूमिका निभाएगा। पीटीआई की रिपोर्ट के अनुसार, इसे शहर के विकास और सुविधा की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews