मुंबई के नौसेना आवासीय परिसर से राइफल और गोला-बारूद के गायब होने की घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह घटना 6 सितंबर की रात की बताई जा रही है, जब एक जूनियर नौसैनिक संतरी ड्यूटी पर तैनात था। जानकारी के अनुसार, उसी दौरान नौसेना की वर्दी पहने एक अन्य व्यक्ति वहां पहुंचा और संतरी को बताया कि उसे ड्यूटी से मुक्त कर दिया गया है और अब वह उसकी जगह जिम्मेदारी संभालेगा। संतरी ने उस व्यक्ति पर विश्वास कर ड्यूटी छोड़ दी। बाद में पता चला कि वह व्यक्ति वहां से राइफल और गोला-बारूद लेकर गायब हो गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही नौसेना और मुंबई पुलिस ने संयुक्त रूप से बड़े स्तर पर तलाशी अभियान शुरू कर दिया। मामले की गंभीरता को देखते हुए नौसेना ने तुरंत बोर्ड ऑफ इन्क्वायरी गठित कर दिया है, जो पूरे मामले की गहराई से जांच करेगा। अधिकारियों का कहना है कि यह सिर्फ सुरक्षा में लापरवाही का मामला है या इसके पीछे कोई साजिश छिपी है, इसे स्पष्ट करने के लिए सभी संभावित एंगल से जांच की जा रही है।
राइफल और गोला-बारूद गायब
इसके अलावा अन्य सरकारी एजेंसियां भी जांच में जुट गई हैं और उन्हें भारतीय नौसेना का पूरा सहयोग मिल रहा है। घटना को लेकर मुंबई के कफ परेड पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई है। जांच एजेंसियां इस बात पर भी गौर कर रही हैं कि नौसेना की वर्दी पहने उस व्यक्ति ने परिसर तक कैसे पहुंच बनाई और संतरी को कैसे विश्वास में लिया। यह सुरक्षा तंत्र में बड़ी चूक मानी जा रही है।
मुंबई पुलिस ने घटना के बाद आस-पास के इलाकों में जांच तेज कर दी है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं ताकि आरोपी की पहचान की जा सके। साथ ही संभावित सुरागों की तलाश के लिए संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने बताया कि इस तरह की घटना न केवल राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से संवेदनशील है, बल्कि इससे यह भी पता चलता है कि सैन्य परिसरों की सुरक्षा में सुधार की तत्काल जरूरत है।





