‘मराठा समुदाय से हूं.. शायद इसीलिए नहीं बना मंत्री’, NCP के इस नेता ने आखिर क्या कह दिया?

उन्होंने कहा अगर मैं ओबीसी समुदाय से होता, तो आज मंत्री बना दिया गया होता, लेकिन मेरी जाति मेरे और मंत्री पद के बीच सबसे बड़ी बाधा बन गई है।
‘मराठा समुदाय से हूं.. शायद इसीलिए नहीं बना मंत्री’, NCP के इस नेता ने आखिर क्या कह दिया?

महाराष्ट्र में मराठा समुदाय को लेकर जारी सियासी बहस अब सत्ता पक्ष के अंदर भी गूंजने लगी है। एनसीपी नेता और चार बार मालेगांव से विधायक रहे प्रकाश सोलंके ने खुलकर अपनी ही सरकार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बीड में मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें मंत्री पद नहीं मिलने की सबसे बड़ी वजह उनका मराठा समुदाय से होना है।

एनसीपी को बीड जिले में मजबूत करने में मराठा समुदाय की अहम भूमिका

प्रकाश सोलंके ने आरोप लगाया कि एनसीपी को बीड जिले में मजबूत करने में मराठा समुदाय की अहम भूमिका है. लेकिन जब बात मंत्री पद या गार्जियन मंत्री बनाए जाने की आती है तो मराठा नेताओं को नजरअंदाज कर दिया जाता है। उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता अजित पवार और पूर्व मंत्री धनंजय मुंडे पर भी तंज कसा। सोलंके ने कहा कि अगर धनंजय मुंडे को जांच में क्लीन चिट मिलती है तो उन्हें फिर से मंत्री बना दिया जाएगा. लेकिन मराठा होने के कारण मुझे यह मौका नहीं मिल रहा।

पार्टी की विचारधारा को इसके लिए जिम्मेदार ठहरा

प्रकाश सोलंके ने अपनी ही पार्टी की विचारधारा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना है कि पार्टी ज्योतिबा फुले, राजर्षि शाहू महाराज और डॉ. भीमराव अंबेडकर की सोच पर चलते हुए ओबीसी और पिछड़े वर्गों को प्राथमिकता देती है। उन्होंने कहा अगर मैं ओबीसी समुदाय से होता, तो आज मंत्री बना दिया गया होता, लेकिन मेरी जाति मेरे और मंत्री पद के बीच सबसे बड़ी बाधा बन गई है।

सोलंके के इस बयान से महाराष्ट्र की राजनीति में मराठा आरक्षण और प्रतिनिधित्व का मुद्दा एक बार फिर गरमा गया है। पहले से ही मराठा आरक्षण को लेकर राज्य में आंदोलन चल रहा है और राजनीतिक दल इस मुद्दे को भुनाने में जुटे हैं। ऐसे में सत्ता पक्ष के विधायक का यह बयान विपक्ष को नया हथियार दे सकता है।

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