MNS प्रवक्ता प्रकाश महाजन का इस्तीफा, पार्टी में सम्मान की कमी बताई वजह

महाराष्ट्र निकाय चुनाव से ठीक पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने शनिवार (13 सितंबर) को इस्तीफा दे दिया।
MNS प्रवक्ता प्रकाश महाजन का इस्तीफा, पार्टी में सम्मान की कमी बताई वजह

महाराष्ट्र निकाय चुनाव से ठीक पहले महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और प्रवक्ता प्रकाश महाजन ने शनिवार (13 सितंबर) को इस्तीफा दे दिया। महाजन, दिवंगत बीजेपी नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रमोद महाजन के भाई हैं। उन्होंने पार्टी पर लगातार नजरअंदाज किए जाने और सम्मान न मिलने का आरोप लगाया। अपने इस्तीफे का ऐलान उन्होंने एक वीडियो संदेश के जरिए किया, जिसमें उन्होंने कहा कि आकांक्षाएं कम रखने के बावजूद उन्हें पार्टी में दरकिनार कर दिया गया।

वीडियो संदेश में प्रकाश महाजन ने कहा कि पार्टी में उनके काम की कभी सराहना नहीं हुई। बल्कि उन गलतियों के लिए भी उन्हें दोषी ठहराया गया, जिनसे उनका कोई लेना-देना नहीं था। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ दिनों से उन्हें लग रहा था कि अब रुक जाना चाहिए। पहलगाम की घटना के बाद ही उन्हें पार्टी से अलग हो जाना चाहिए था, लेकिन उन्होंने उम्मीद की थी कि हालात सुधर जाएंगे। हालांकि, ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनका किसी अन्य पार्टी में शामिल होने का कोई इरादा नहीं है।

MNS प्रवक्ता प्रकाश महाजन का इस्तीफा

महाजन ने कहा कि उनकी व्यक्तिगत आकांक्षाएं बहुत सीमित थीं। वे न तो कभी चुनाव लड़ना चाहते थे और न ही किसी पद की इच्छा रखते थे। उनकी एकमात्र भावना हिंदुत्व की रक्षा करना थी। इसके बावजूद, उन्हें बार-बार नजरअंदाज किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान उनसे कभी सलाह नहीं ली गई और विधानसभा चुनाव के समय उन्हें केवल प्रचार तक सीमित कर दिया गया। उन्होंने कहा कि जिम्मेदारियां ईमानदारी से निभाने के बावजूद उनके काम की कोई प्रशंसा नहीं हुई।

उन्होंने आगे कहा कि पार्टी में सम्मान की कमी उनके इस्तीफे की सबसे बड़ी वजह है। महाजन ने मनसे नेता अमित ठाकरे से माफी भी मांगी और कहा कि उन्होंने वादा किया था कि वे न सिर्फ उनके साथ बल्कि उनके बेटे के साथ भी काम करेंगे। लेकिन हालात ऐसे बने कि वे अपना वादा निभा नहीं पाए। उन्होंने कहा कि कभी-कभी इंसान को वह नहीं मिलता जिसका वह हकदार होता है और यह किस्मत की बात है। उम्र बढ़ने और पार्टी में सम्मान न मिलने की वजह से उन्होंने मनसे छोड़ने का फैसला किया है।

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