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“वास्तव में शर्मनाक..” TMC-DMK की हार के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन पर भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी, दे डाली ये सलाह, पढ़ें पूरी खबर

Written by:Shyam Dwivedi
Published:
महाराष्ट्र से पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने इंडिया अलायंस में तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम की कथित हार पर व्यक्त खुशी को शर्मनाक बताया है, जिससे गठबंधन की आंतरिक फूट स्पष्ट हुई।
“वास्तव में शर्मनाक..” TMC-DMK की हार के बाद ‘इंडिया’ गठबंधन पर भड़कीं प्रियंका चतुर्वेदी, दे डाली ये सलाह, पढ़ें पूरी खबर

देश के सियासी गलियारों में एक नई बहस तब छिड़ गई जब महाराष्ट्र से पूर्व सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने ‘इंडिया अलायंस’ के भीतर व्याप्त अंदरूनी खुशी पर अपनी गहरी नाराजगी व्यक्त की। यह नाराजगी पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस और तमिलनाडु में द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम की कथित ‘करारी हार’ के बाद सामने आई, जिसने गठबंधन की एकजुटता और उसके सदस्यों के बीच सामंजस्य पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस घटनाक्रम ने देश में सियासी हलचल को कई गुना बढ़ा दिया है, क्योंकि यह विपक्षी गठबंधन के भीतर पनप रही गहरी खाई को उजागर करता है।

पूर्व राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने अपनी बात रखने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ का सहारा लिया और ‘इंडिया’ गठबंधन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने अपने एक्स पोस्ट में स्पष्ट रूप से लिखा कि तृणमूल कांग्रेस और द्रविड़ मुन्नेत्र कजगम की कथित नाकामी पर ‘इंडिया अलायंस’ के अंदर से जिस प्रकार की खुशी जाहिर की जा रही है, उसे देखना वास्तव में शर्मनाक है। यह टिप्पणी गठबंधन के भीतर पनप रही आंतरिक कलह और प्रतिद्वंद्विता को उजागर करती है, जो एक साझा लक्ष्य के लिए बने इस समूह के लिए चिंता का विषय है। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दलों को एकजुटता का संदेश देने की सबसे ज्यादा जरूरत है, ताकि वे भविष्य की राजनीतिक चुनौतियों का प्रभावी ढंग से सामना कर सकें।

प्रियंका चतुर्वेदी ने पिछली घटनाओं का भी किया जिक्र

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए, शिवसेना (यूबीटी) से जुड़ी पूर्व राज्यसभा सांसद ने पिछली घटनाओं का भी जिक्र किया, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह कोई नई प्रवृत्ति नहीं है, बल्कि ‘इंडिया अलायंस’ के भीतर यह पहले भी देखने को मिली है। उन्होंने याद दिलाया कि ऐसी ही शेखी और आंतरिक प्रसन्नता तब भी देखने को मिली थी, जब ‘इंडिया अलायंस’ के ही महत्वपूर्ण घटक दल आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल और राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव चुनाव हार गए थे। इतना ही नहीं, उन्होंने हाल ही में आम आदमी पार्टी में हुई आंतरिक फूट के दौरान भी इसी तरह की प्रतिक्रियाओं का उल्लेख किया, जो यह दर्शाता है कि गठबंधन के सदस्यों के बीच एक-दूसरे की कमजोरियों पर खुशी मनाने की प्रवृत्ति लगातार बनी हुई है। यह प्रवृत्ति विपक्षी एकता को कमजोर करने का काम करती है और सत्तारूढ़ दल को इसका लाभ उठाने का अवसर प्रदान करती है।

प्रियंका चतुर्वेदी ने वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर भी प्रकाश डाला और कहा कि अब, आने वाले उत्तर प्रदेश चुनावों के लिए, उन्होंने समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को अपना नया निशाना बनाया हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मतदाता ऐसी आंतरिक फूट और बिखराव को बिल्कुल पसंद नहीं करते हैं, और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) हमेशा से इसी तरह के आंतरिक मतभेदों का फायदा उठाती रही है। यह टिप्पणी एक गंभीर चेतावनी के रूप में देखी जा रही है, जो विपक्षी एकता के लिए खतरा उत्पन्न करने वाले कारकों को रेखांकित करती है और यह बताती है कि अगर गठबंधन के भीतर यह प्रवृत्ति जारी रही तो इसका सीधा लाभ बीजेपी को मिलेगा, जिससे विपक्षी दलों का उद्देश्य विफल हो सकता है।

पूर्व महिला सांसद ने ‘इंडिया’ गठबंधन’ को दी सलाह

पूर्व महिला सांसद ने ‘इंडिया’ गठबंधन को एक महत्वपूर्ण सलाह भी दी। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि 2024 के लोकसभा चुनावों में विपक्ष की अगुवाई किसी एक विशेष पार्टी ने नहीं की थी, बल्कि यह सभी सहयोगी पार्टियों का एक साझा और सामूहिक प्रयास था। इस बात पर बल देते हुए उन्होंने गठबंधन के सदस्यों से आग्रह किया कि वे व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं को पीछे छोड़कर उस मूल भावना को याद रखें, जिसके चलते ‘इंडिया अलायंस’ का गठन किया गया था। उनका मानना है कि गठबंधन का मूल उद्देश्य सत्ताधारी दल के खिलाफ एक मजबूत और एकजुट मोर्चा प्रस्तुत करना था, न कि आंतरिक प्रतिद्वंद्विता में उलझना। यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी एकता की आवश्यकता पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है, और आंतरिक कलह ऐसे किसी भी प्रयास को कमजोर कर सकती है, जिससे विपक्षी दलों का सामूहिक लक्ष्य अधूरा रह सकता है।

Shyam Dwivedi
लेखक के बारे में
पत्रकार वह व्यक्ति होता है जो समाचार, घटनाओं, और मुद्दों की जानकारी देता है, उनकी जांच करता है, और उन्हें विभिन्न माध्यमों जैसे अखबार, टीवी, रेडियो, या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर प्रस्तुत करता है। मेरा नाम श्याम बिहारी द्विवेदी है और मैं पिछले 7 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। View all posts by Shyam Dwivedi
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