महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे ने भारतीय जनता पार्टी पर तीखा राजनीतिक हमला बोला है। दरअसल पुणे में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने दल-बदल की राजनीति, जनप्रतिनिधियों की खरीद-फरोख्त और सत्ता के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल उठाए। राज ठाकरे ने कहा कि लोकतंत्र में कोई भी सरकार हमेशा सत्ता में नहीं रहती, इसलिए सभी राजनीतिक दलों को अपने फैसलों और तरीकों पर गंभीरता से सोचने की जरूरत है।
दरअसल राज ठाकरे ने कहा कि आज की राजनीति में विकास और जनता के मुद्दे पीछे छूटते जा रहे हैं। उनका दावा है कि अब राजनीतिक चर्चा का केंद्र पैसा और सत्ता बन चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि केवल उन लोगों को दोष देना पर्याप्त नहीं है जो दूसरे दलों के नेताओं को अपने साथ लाने की कोशिश करते हैं, बल्कि उन जनप्रतिनिधियों की भी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए जो अपनी राजनीतिक निष्ठा बदलने के लिए तैयार हो जाते हैं।
दल-बदल की राजनीति पर राज ठाकरे का हमला
वहीं इसके साथ ही राज ठाकरे ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर किसी राजनीतिक दल को लगता है कि सत्ता हमेशा उसके पास रहेगी, तो यह बड़ी भूल होगी। उन्होंने कहा कि सत्ता बदलना लोकतंत्र की स्वाभाविक प्रक्रिया है और जब किसी दल की सरकार जाती है तो वही राजनीतिक तरीके उसके खिलाफ भी अपनाए जा सकते हैं। उनके मुताबिक, किसी भी पार्टी को ऐसे राजनीतिक माहौल को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, जिसका नुकसान भविष्य में उसे खुद उठाना पड़े। दरअसल यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में दल-बदल और नेताओं के पाला बदलने की घटनाएं लगातार चर्चा में हैं।
लोकतंत्र में स्वस्थ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा जरूरी : राज ठाकरे
जानकारी दे दें कि हाल ही में शिवसेना (उद्धव ठाकरे गुट) के कुछ सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हुए थे। हालांकि राज ठाकरे ने कहा कि लोकतंत्र में स्वस्थ राजनीतिक प्रतिस्पर्धा जरूरी है, लेकिन अगर राजनीति केवल सत्ता हासिल करने तक सीमित रह जाए तो इससे लोकतांत्रिक संस्थाओं और जनता दोनों का भरोसा प्रभावित होता है। वहीं राज ठाकरे ने अपने बयान में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा बीजेपी की राजनीति काफी हद तक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता पर आधारित है।






