महाराष्ट्र की राजनीति में इन दिनों जमकर उथल पुथल देखने को मिल रही है। उद्धव ठाकरे की अगवाई वाली शिवसेना यूबीटी को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं। सांसदों की बगावत के बाद अब विधान परिषद सदस्य सचिन अहीर भी डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाले गुट का हिस्सा बन गए हैं।
बीते दिनों उद्धव ठाकरे को सबसे बड़ा झटका तब लगा था। जब अचानक से उनके 6 सांसदों ने गुट से बगावत करते हुए शिंदे नेतृत्व का हाथ थाम लिया था। इसके बाद जमकर बयानबाजी देखने को मिली थी और ऑपरेशन टाइगर का जिक्र भी हुआ था। वहीं अब एमपी के बाद MLC भी ठाकरे गुट का साथ छोड़ते नजर आ रहे हैं।
सचिन अहीर ने थामा शिंदे गुट का दामन
सचिन अहीर ने शिवसेना यूबीटी का साथ छोड़ने के बाद महायुति उम्मीदवार के रूप में डिप्टी स्पीकर के लिए अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। जब उन्होंने यह नामांकन दाखिल किया उस समय महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार को उनके साथ देखा गया।
मुंबई, महाराष्ट्र: शिवसेना (UBT) के MLC सचिन अहीर ने शिवसेना का दामन थामा और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की मौजूदगी में पार्टी उम्मीदवार के तौर पर महाराष्ट्र विधान परिषद के उपसभापति पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा… pic.twitter.com/IohJEsTY6M
— IANS Hindi (@IANSKhabar) June 30, 2026
पहले 6 सांसद छोड़ चुके हैं साथ
लोकसभा सांसद संजय हरि भाऊ जाधव, ओम प्रकाश भूपाल सिंह निंबालकर, भाऊ साहेब राजा राम वाकचौरे, संजय उत्तम राव देशमुख, संजय दीना पाटिल और नागेश बापूराव पाटिल अष्टिकर पहले ही शिंदे नेतृत्व वाले शिवसेना में शामिल हो चुके हैं और अब गुट को एक ओर झटका लगा है।
संजय राउत की चुनौती
बागी नेताओं से लगातार मिल रही बगावत के बीच शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत ने यह चुनौती दी है कि अगर उन्हें अपने फैसले पर भरोसा है तो वह इस्तीफा देकर दोबारा जनता के सामने चुनाव लड़े। राउत ने कहा अगर आप गद्दारी करना चाहते हैं तो इस्तीफा देखा चुनाव लड़ें आपको पता चल जाएगा की यवतमाल वाशिम की जनता गद्दारों के साथ है या वफादारों के साथ। वफादारो का सैलाब तब तक नहीं रुकेगा जब तक वो इन गद्दारों को बहा ना दे।






