कृष्ण जन्माष्टमी पर दही हांडी की परंपरा निभाई जाती है, लेकिन इस बार महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे अपनी एक टिप्पणी के चलते विवादों में घिर गए हैं। दरअसल, एनएनएस के एक नेता गोविंदा महोत्सव का न्योता देने राज ठाकरे के पास पहुंचे थे। इस दौरान ठाकरे ने मजाकिया अंदाज में कहा कि वे केवल ‘मटन हांडी’ का निमंत्रण स्वीकार करते हैं। यह टिप्पणी वहां मौजूद लोगों के बीच हंसी का कारण बनी, लेकिन सोशल मीडिया पर कई यूजर्स ने इसे हिंदू संस्कृति का अपमान बताते हुए उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया।

‘मटन हांडी’ टिप्पणी से राज ठाकरे विवादों में

घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है, जिसमें राज ठाकरे हल्के-फुल्के अंदाज में एमएनएस कार्यकर्ताओं से बातचीत करते और गोविंदा महोत्सव पर चर्चा करते नजर आ रहे हैं। हालांकि, वीडियो वायरल होने के बाद यूजर्स ने तीखी प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, “कृष्ण जन्माष्टमी पर दही हांडी की जगह मटन हांडी? वोट बैंक की राजनीति में हिंदू संस्कृति का मजाक उड़ाना बंद करो।” एक अन्य ने सवाल उठाया कि क्या यह वही ठाकरे परिवार है जो बाला साहेब ठाकरे की विचारधारा का प्रतिनिधित्व करता था।

ट्रोलर्स ने तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दीं। एक यूजर ने लिखा, “‘मुझे दही हांडी के बजाय मटन हांडी के लिए बुलाओ’ — यह जन्माष्टमी का मजाक उड़ाना है। अल्पसंख्यक वोटों के लिए ठाकरे पूरी तरह एंटी हिंदू हो गए हैं।” किसी ने इसे ‘एपिक डाउनफॉल’ करार दिया, तो किसी ने कहा, “हद है हिंदू भावनाओं का अपमान करने की, दिए तले अंधेरा यही होता है।” इस बयान से राज ठाकरे के हिंदुत्व समर्थक छवि पर भी सवाल उठने लगे हैं।

गौरतलब है कि इससे पहले भी राज ठाकरे का मांसाहार को लेकर रुख चर्चा में रहा है। महाराष्ट्र में मीट बैन के मुद्दे पर उन्होंने साफ कहा था कि सरकार और नगर निकायों को लोगों का खान-पान तय करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कहा था कि किसी भी दिन लोगों को क्या खाना है, यह उनकी व्यक्तिगत स्वतंत्रता का हिस्सा है, और इस पर किसी तरह का प्रतिबंध विरोधाभासी है।