मंगलवार को राज्यसभा में LPG संकट का मुद्दा चर्चा का विषय रहा। दरअसल शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कहा कि जमीनी हकीकत सरकार के दावों से अलग है। वहीं उन्होंने दावा किया कि गैस की कमी के कारण मुंबई में वड़ा पाव की बिक्री तक प्रभावित हो रही है। जानिए सांसद संजय राउत ने क्या कहा?

दरअसल संजय राउत ने सदन में कहा कि सरकार बार-बार कह रही है कि सब कुछ ठीक है मगर असल में स्थिति बिलकुल अलग है। उन्होंने काशी के अन्नपूर्णा मंदिर की रसोई का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां रोज हजारों लोगों को भोजन मिलता था, वहां गैस की कमी के कारण व्यवस्था प्रभावित हुई है।

क्या सच में है गैस की कमी?

वहीं इसके अलावा संजय राउत ने शिरडी में प्रसाद की मात्रा घटने और मुंबई में वड़ा पाव की बिक्री कम होने का भी जिक्र भी किया। दरअसल राउत ने कहा कि पहले जहां 20 लाख वड़ा पाव रोज बिकते थे अब यह आंकड़ा घटकर करीब 5 लाख रह गया है। हालांकि एलपीजी को लेकर देश में समय-समय पर सप्लाई और कीमतों को लेकर चर्चा होती रही है। ऐसे में संजय राउत के बयान ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि देश में महंगाई बढ़ रही है रुपया कमजोर हो रहा है और रोजगार के मौके कम हो रहे हैं, जिससे आम आदमी पर दबाव बढ़ता जा रहा है।

सरकार का दावा ‘कोई कमी नहीं’

दरअसल संजय राउत के आरोपों के बीच महाराष्ट्र सरकार ने साफ कहा है कि राज्य में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल ने विधानसभा में बताया कि राज्य में रोजाना 11,000 मीट्रिक टन एलपीजी की सप्लाई की जा रही है, जो पहले 9,000 मीट्रिक टन थी। इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि कालाबाजारी और अवैध उपयोग को रोकने के लिए सरकार लगातार कार्रवाई कर रही है। जनवरी से मार्च के बीच 21 जिलों में 2,000 से ज्यादा निरीक्षण किए गए जिनमें 1,200 से ज्यादा सिलेंडर जब्त किए गए।