पत्रकारों को धमकी देकर फंसे शिवसेना सांसद संजय पाटिल, फडणवीस ने जताई नाराजगी

शिवसेना सांसद संजय दिना पाटिल ने पत्रकारों को धमकी देते हुए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया, जिस पर सीएम फडणवीस ने नाराजगी जताई है। चलिए जानते हैं यह पूरा मामला क्या है?
पत्रकारों को धमकी देकर फंसे शिवसेना सांसद संजय पाटिल, फडणवीस ने जताई नाराजगी

शिवसेना सांसद संजय दिना पाटिल ने पत्रकारों को खुलेआम धमकी देकर विवाद खड़ा कर दिया है। दरअसल उद्धव ठाकरे गुट छोड़कर एकनाथ शिंदे गुट में शामिल हुए सांसद पाटिल ने पत्रकारों के लिए आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा कि, “अगर आप दोबारा यहां आएंगे तो मैं आपको मारकर भगा दूंगा। इसे कैमरे में रिकॉर्ड कर लीजिए। मैं यह बात आपको पुलिस के सामने कह रहा हूं, जो करना है कर लीजिए।” उनके इस बयान से राजनीतिक हलकों में हलचल मच गई है।

वहीं इस विवादित टिप्पणी के बाद, शिवसेना प्रमुख और महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। शिंदे ने बताया कि उनकी सांसद संजय दिना पाटिल से इस मामले में बात हुई है। पाटिल ने शिंदे को साफ कहा है कि उनकी मंशा पत्रकारों के बारे में कोई गलत टिप्पणी करने की बिल्कुल नहीं थी। उन्होंने यह भी कहा कि उनके और पत्रकारों के रिश्ते हमेशा अच्छे रहे हैं और उनका इरादा कभी भी पत्रकारों की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का नहीं था। उपमुख्यमंत्री शिंदे ने यह भी कहा कि वे इस पूरे मामले की पूरी जानकारी लेंगे और फिर विस्तार से बात करेंगे।

एकनाथ शिंदे ने पाटिल का पक्ष रखा

एकनाथ शिंदे ने पाटिल का पक्ष रखते हुए आगे कहा कि संजय पाटिल के मन में पत्रकारों के प्रति कोई व्यक्तिगत नाराजगी नहीं है। उनका गुस्सा उन लोगों पर है जो रोज उनके खिलाफ बोलते हैं, गलत शब्दों का इस्तेमाल करते हैं और “तोड़ दो, मार दो, घर में घुसो” जैसी बेहद खराब भाषा का इस्तेमाल करते हैं। शिंदे ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसी भाषा का इस्तेमाल करना मीडिया का भी अपमान है। उन्होंने कहा कि पाटिल का गुस्सा उन लोगों पर है जिन्होंने लंबे समय से ऐसी बातें कही हैं।

संजय पाटिल को दी सलाह

हालांकि, उपमुख्यमंत्री शिंदे ने यह भी माना कि किसी भी जनप्रतिनिधि को पत्रकारों के बारे में इस तरह की टिप्पणी नहीं करनी चाहिए। उन्होंने संजय पाटिल को सलाह दी है कि यदि उनसे पत्रकारों के बारे में कोई अपमानजनक शब्द निकल गए हों, तो उन्हें सामने आकर खेद जताना चाहिए। दूसरी ओर, इस घटना पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी कड़ी नाराजगी जताई है। सीएम फडणवीस ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के साथ हुई एक बैठक में अपना गहरा असंतोष जाहिर किया। फडणवीस ने शिंदे के सामने शिवसेना के नेताओं और मंत्रियों द्वारा पहले दिए गए विवादित बयानों की पूरी जानकारी रखी। उन्होंने साफ चेतावनी देते हुए कहा कि महायुति में इस तरह की बातें अब किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं की जाएंगी।

मुख्यमंत्री फडणवीस ने जोर देकर कहा कि संजय दिना पाटिल अब महायुति के सांसद हैं। भविष्य में महायुति का कोई भी सांसद, विधायक या मंत्री इस तरह का बयान देगा, तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने पार्टी नेतृत्व को विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। फडणवीस ने साफ किया कि पार्टी नेतृत्व को यह सुनिश्चित करना होगा कि महायुति के सदस्यों की भाषा संयमित और मर्यादित रहे।

Ankita Chourdia
लेखक के बारे में
Follow Us :GoogleNews