अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार को बड़ी जिम्मेदारी, पुणे और बीड की बनीं संरक्षक मंत्री

महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को पुणे और बीड जिलों का पालक मंत्री नियुक्त किया गया है। यह पद पहले उनके पति दिवंगत अजित पवार के पास था। इस बीच, अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने राजनीतिक बयानबाजी से बचने की अपील की है।
Sunetra Pawar News

मुंबई: महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार को मंगलवार को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्हें पुणे और बीड जिलों का संरक्षक (पालक) मंत्री नियुक्त किया गया है। यह पद पहले उनके पति और पूर्व उपमुख्यमंत्री दिवंगत अजित पवार संभाल रहे थे, जिनका पिछले सप्ताह पुणे के बारामती में एक विमान हादसे में निधन हो गया था।

अजित पवार के निधन के बाद सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। उन्हें पहले ही आबकारी, खेल और अल्पसंख्यक कल्याण विभाग सौंप दिए गए थे। अब इन दो महत्वपूर्ण जिलों का प्रभार भी उन्हें मिल गया है। वहीं, अजित पवार के पास रहा वित्त मंत्रालय का कार्यभार मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस संभालेंगे।

रोहित पवार की भावुक अपील

इस राजनीतिक घटनाक्रम के बीच, शरद पवार गुट के विधायक और अजित पवार के भतीजे रोहित पवार ने एक भावुक अपील की है। उन्होंने नेताओं और जनता से अजित पवार के निधन के बाद किसी भी तरह की राजनीतिक चर्चा से दूर रहने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि यह समय शोक और चिंतन का है, राजनीति का नहीं।

कर्जत-जामखेड से विधायक रोहित पवार ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा कि अजित पवार के निधन से हुआ दुख किसी भी राजनीतिक बहस से कहीं बड़ा है।

“पवार परिवार के सदस्य के नाते मैं सभी से विनम्रतापूर्वक अनुरोध करता हूं कि कम से कम अभी के लिए, ऐसे किसी भी बयान या चर्चा से बचें, जो उनके विचारों को ठेस पहुंचा सकती है या उनके स्पष्टवादी और बेबाक स्वभाव के विरुद्ध हो।”- रोहित पवार, विधायक, NCP (SP)

रोहित पवार ने आगे कहा कि अगर अजित पवार जीवित होते, तो स्थिति अलग होती और उनकी मौजूदगी में ऐसी राजनीतिक चर्चाएं नहीं होतीं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भविष्य में राजनीति पर बात करने के लिए बहुत मौके मिलेंगे, लेकिन यह सही समय नहीं है।

विलय की अटकलों पर विराम लगाने की कोशिश

गौरतलब है कि 28 जनवरी को बारामती में हुए विमान हादसे में अजित पवार की मृत्यु हो गई थी। उनके निधन के बाद से ही राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के दोनों गुटों के विलय को लेकर अटकलें और बयानबाजी तेज हो गई थी। माना जा रहा है कि इसी पृष्ठभूमि में रोहित पवार की यह अपील सामने आई है।

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