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सुनेत्रा पवार बनेंगी महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री, कल शाम 5 बजे लेंगी शपथ, आबकारी और खेल मंत्रालय भी मिला

Written by:Banshika Sharma
Published:
महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा फेरबदल तय हो गया है। सुनेत्रा पवार ने उपमुख्यमंत्री (DCM) पद का प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। वह कल शाम 5 बजे शपथ लेंगी और राज्य की पहली महिला डिप्टी सीएम बनकर इतिहास रचेंगी।
सुनेत्रा पवार बनेंगी महाराष्ट्र की पहली महिला उपमुख्यमंत्री, कल शाम 5 बजे लेंगी शपथ, आबकारी और खेल मंत्रालय भी मिला

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बड़ा बदलाव होने जा रहा है। अजित पवार गुट की नेता सुनेत्रा पवार राज्य की नई उपमुख्यमंत्री होंगी। उन्होंने पार्टी की ओर से मिले इस प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है। जानकारी के मुताबिक, वह कल शाम 5 बजे उपमुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगी। इस नियुक्ति के साथ ही सुनेत्रा पवार महाराष्ट्र के इतिहास में पहली महिला उपमुख्यमंत्री बन जाएंगी।

उपमुख्यमंत्री पद के साथ-साथ उन्हें दो महत्वपूर्ण मंत्रालयों की जिम्मेदारी भी दी जाएगी। सूत्रों के अनुसार, सुनेत्रा पवार आबकारी (Excise) और खेल (Sports) मंत्रालय का कार्यभार संभालेंगी। इस फैसले को राज्य सरकार में नेतृत्व और प्रशासनिक संतुलन को और मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम माना जा रहा है।

शपथ से पहले विधायक दल की बैठक

शपथ ग्रहण समारोह से पहले कल सुबह 11 बजे राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (अजित पवार गुट) के विधायक दल की एक अहम बैठक बुलाई गई है। माना जा रहा है कि इस बैठक में मौजूदा राजनीतिक हालात और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक के बाद ही शाम को शपथ ग्रहण कार्यक्रम होगा।

सियासी घमासान पर अंसारी का बयान

इस बीच, पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के एक बयान ने नए राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं को लेकर कहा, “कोई लोदी है कोई ग़ज़नी है, ये सब भारतीय लुटेरे थे, ये बाहर से नहीं आए थे। राजनीतिक रूप से यह सुविधाजनक है कि उन्होंने ये तोड़ दिया वो तोड़ दिया, सब हिंदुस्तानी थे।” उनके इस बयान पर भाजपा ने तीखी प्रतिक्रिया दी है।

“कोई लोदी है कोई ग़ज़नी है, ये सब भारतीय लुटेरे थे, ये बाहर से नहीं आए थे। राजनीतिक रूप से ये सुविधाजनक है कि उन्होंने ये तोड़ दिया वो तोड़ दिया, सब हिंदुस्तानी थे।” — हामिद अंसारी, पूर्व उपराष्ट्रपति

भाजपा ने आरोप लगाया है कि विपक्ष इतिहास को नए सिरे से गढ़ने और हिंदुओं के धार्मिक प्रतीकों के खिलाफ हुई हिंसा को कमतर दिखाने की कोशिश कर रहा है। पार्टी ने कहा कि इस तरह के बयान तुष्टिकरण की राजनीति का हिस्सा हैं।