शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने रविवार दोपहर अपने सभी लोकसभा सांसदों को मातोश्री में बुलाया है। दरअसल यह बैठक ऐसे समय हो रही है जब पार्टी के कुछ सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। हालांकि पार्टी की ओर से इसे नियमित बैठक बताया गया है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक माहौल में इसके मायने काफी अहम माने जा रहे हैं।
दरअसल बैठक में संगठन की स्थिति, संसद से जुड़े मुद्दों और आगामी राजनीतिक रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है। पिछले कुछ दिनों से महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित राजनीतिक बदलावों को लेकर चर्चाएं तेज हैं। ऐसे में उद्धव ठाकरे का अपने सांसदों के साथ सीधा संवाद कई सवालों के जवाब भी दे सकता है।
उद्धव ठाकरे की बैठक क्यों बनी चर्चा का केंद्र?
दरअसल महाराष्ट्र में शिवसेना के विभाजन के बाद से ही दोनों गुटों के बीच राजनीतिक खींचतान जारी है। इसी बीच कुछ सांसदों के शिंदे गुट के संपर्क में होने की अटकलों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। यही वजह है कि मातोश्री में होने वाली यह बैठक सामान्य राजनीतिक गतिविधि से कहीं अधिक महत्वपूर्ण मानी जा रही है। शिवसेना (यूबीटी) के लोकसभा में कुल नौ सांसद हैं। इनमें मुंबई, नासिक, परभणी, उस्मानाबाद, शिर्डी, यवतमाल-वाशिम और हिंगोली जैसी सीटों का प्रतिनिधित्व करने वाले सांसद शामिल हैं। पार्टी नेतृत्व चाहता है कि सांसदों के बीच एकजुटता बनी रहे और संगठन को लेकर कोई भ्रम की स्थिति न बने। बैठक के दौरान सांसदों से फीडबैक भी लिया जा सकता है और भविष्य की रणनीति पर चर्चा की जा सकती है।
एकनाथ शिंदे से संपर्क की चर्चा?
वहीं पिछले कुछ समय से महाराष्ट्र में ‘ऑपरेशन टाइगर’ जैसी चर्चाएं राजनीतिक बहस का हिस्सा बनी हुई हैं। दावा किया जा रहा है कि कुछ सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं, हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। खुद एकनाथ शिंदे भी पहले ऐसी खबरों को खारिज कर चुके हैं और कह चुके हैं कि चुनाव समाप्त हो चुके हैं, इसलिए किसी संख्या के खेल की जरूरत नहीं है।






