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राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को बुलाया घर, जानें क्या है वजह

Written by:Neha Sharma
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महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के संभावित गठजोड़ को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच एक अहम जानकारी सामने आई है।
राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को बुलाया घर, जानें क्या है वजह

महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे गुट) और महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के संभावित गठजोड़ को लेकर चर्चाएं तेज हैं। इसी बीच एक अहम जानकारी सामने आई है जिसने इन अटकलों को और मजबूती दी है। दरअसल, मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने अपने चचेरे भाई और शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे को गणेशोत्सव के लिए अपने घर बुलाया है। राज ठाकरे के घर पर हर साल डेढ़ दिन का गणपति बप्पा स्थापित होता है और इस बार उद्धव ठाकरे को खास निमंत्रण दिया गया है।

राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे को बुलाया घर

बता दें कि कुछ दिन पहले ही राज ठाकरे कई वर्षों बाद मातोश्री पहुंचे थे, जहां उन्होंने उद्धव ठाकरे और उनके परिवार से मुलाकात की थी। वे बालासाहेब ठाकरे के कमरे में भी गए थे। तभी से यह चर्चा थी कि उद्धव ठाकरे कब राज ठाकरे के शिवाजी पार्क स्थित घर जाएंगे। अब राज ठाकरे ने उन्हें औपचारिक आमंत्रण भेजकर इन चर्चाओं को और हवा दे दी है। इसी बीच मनसे नेता अमित ठाकरे से जब पूछा गया कि क्या उद्धव ठाकरे को बुलाया गया है तो उन्होंने कहा था, “आपको सरप्राइज मिलेगा,” जिससे माहौल और दिलचस्प हो गया।

राज ठाकरे पहले शिवाजी पार्क के कृष्णकुंज में रहते थे लेकिन करीब तीन साल पहले उन्होंने पास ही बने अपने नए निवास “शिवतीर्थ” में शिफ्ट किया। कला और डिजाइन के शौक़ीन राज ठाकरे ने इस घर को बेहद खूबसूरती से सजाया है। कई बड़े नेता वहां उनसे मिलने पहुंचे हैं, लेकिन अब तक उद्धव ठाकरे वहां कभी नहीं गए। अब गणेशोत्सव के मौके पर उद्धव ठाकरे पहली बार शिवतीर्थ में कदम रखेंगे। यह मुलाकात दोनों भाइयों की राजनीतिक दूरियों को कम करने का संकेत भी मानी जा रही है।

करीब 20 साल बाद राज ठाकरे मातोश्री पहुंचे थे और उद्धव ठाकरे के जन्मदिन पर उन्हें बधाई दी थी। उस दौरान शिवसैनिकों ने राज ठाकरे का जोरदार स्वागत किया। यह वही राज ठाकरे हैं जिन्होंने कभी हिंदी थोपने के खिलाफ आवाज उठाते हुए उद्धव ठाकरे से अलग राह चुनी थी और 2006 में मनसे की स्थापना की थी। लंबे समय तक दोनों परिवारों में राजनीतिक दूरी रही, लेकिन हाल के दिनों में रिश्तों की गर्माहट बढ़ती दिख रही है। अब उद्धव का राज ठाकरे के घर जाना केवल पारिवारिक पहलू ही नहीं बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति में संभावित नए समीकरण की ओर भी इशारा माना जा रहा है।

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