आदिवासियों के बीच दिग्विजय ने किया बिरसा मुंडा का यशोगान, पेसा एक्ट में लगाए हेरफेर के आरोप

दिग्विजय

मंडला, डेस्क रिपोर्ट। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) ने सरकार पर पेसा एक्ट (PESA Act) में संशोधन करने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि ऐसा करके सरकार (MP Government) उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाने का काम कर रही है। जन जागरण अभियान के तहत दिग्विजय सोमवार को मंडला जिले के एक गांव में थे।

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महंगाई के खिलाफ जन जागरण पदयात्रा पर निकले कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव दिग्विजय सिंह ने रविवार-सोमवार की दरमियानी रात मंडला जिले के आदिवासी बाहुल्य ग्राम मढोताल में बिताई। इस अवसर पर सोमवार की सुबह दिग्विजय सिंह ने आदिवासियों के साथ बैठकर चर्चा की। दिग्विजय सिंह ने बिरसा मुंडा के जीवन वृतांत के बारे में आदिवासियों को बताया। उन्होंने बताया कि किस तरह से बिरसा मुंडा ने बेहद छोटी उम्र में अंग्रेजो के खिलाफ आंदोलन किया और मात्र 25 वर्ष की आयु में दुनिया छोड़ गए। समाज में उनके योगदान के लिए उन्हें लोग भगवान कहते हैं।

उन्होंने कहा कि आदिवासियों के हकों की बुनियाद बिरसा मुंडा ने ही रखी थी और अंग्रेजों के हर तरह के शोषण का विरोध किया था। दिग्विजय ने सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि वह पेसा एक्ट में संशोधन कर रही है जिसका उद्देश्य बड़े उद्योगपतियों को फायदा पहुंचाना है। दिग्विजय ने कहा कि जब वे मुख्यमंत्री थे तब उन्होंने पंचायतों को भर्ती तक के अधिकार दे दिए थे और इसके तहत प्रदेश के हजारों युवाओं को, जिसमें बड़ी संख्या में आदिवासी भी शामिल थे, रोजगार (Employment) मिला। लेकिन अब सरकार व्यापम (Vyapam) के माध्यम से भर्ती कर रही है और बिना पैसे के लेनदेन के भर्तिया नही हो रही।

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दिग्विजय ने कहा कि पेसा एक्ट में बिना पंचायत की सहमति के कोई भी कार्य न करने का प्रावधान था जिसे बदलकर अब सरकार केवल पूछने की औपचारिकता करके पंचायतों के हक छीन रही है। दिग्विजय ने आदिवासियों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी उनके हकों की लड़ाई लड़ती रहेगी।

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Pooja Khodani
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12 वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया में.

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