मंडला नगर पालिका CMO ने बिल का भुगतान करने मांगी 12 प्रतिशत रिश्वत, लोकायुक्त पुलिस ने 2 लाख रुपये लेते रंगे हाथ पकड़ा

Mandla CMO arrested accepting bribe

लोकायुक्त पुलिस जबलपुर की टीम ने मंडला में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर पालिका CMO को 2 लाख रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार है, CMO ठेकेदार के बिल के भुगतान के लिए 12 प्रतिशत के हिसाब से रिश्वत की मांग कर रहा था, लोकायुक्त की टीम ने छापा मरकर आज उसे उसके ही कार्यालय में रंगे हाथ पकड़ लिया और रिश्वत में ली गई राशि जब्त कर ली।

मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के निर्देश के बाद से पुलिस महानिदेशक लोकायुक्त योगेश देशमुख के आदेश पर  लोकायुक्त की टीमें एक्शन मोड में हैं और लगातार भ्रष्ट शासकीय सेवकों को रंगे हाथ पकड़ रही है, इसी कड़ी में मंडला नगर पालिका के सीएमओ को गिरफ्तार किया गया है।

लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक जबलपुर कार्यालय से मिली जानकारी के मुताबिक जबलपुर जिले के रहने वाले ज्ञानचंद बैन ने एक शिकायती आवेदन देकर मंडला नगर पालिका सीएमओ पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाये थे, शिकायत में ज्ञानचंद ने बताया कि वे और उनकी पत्नी मंजू दोनों शासकीय पंजीकृत ठेकेदार हैं और नगर पालिका में ठेके लेने का काम करते हैं।

उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी के नाम से उनकी एक फर्म  एम एस पलक बैन रजिस्टर्ड है जिसे मंडला नगर पालिका ने 2024- 25 तथा 2025 -26 एल ई डी लाइट एवं फिटकरी के सप्लाई का ठेका दिया था तथा उन्हें पाइप जॉइंट एवं वाटर कूलर सप्लाई का कार्य मिला था, नगर पालिका ने मेरी पत्नी के कार्य का 3,92,300 रुपए का भुगतान कर दिया था लेकिन मेरा 15 लाख का भुगतान रोक दिया गया।

15 लाख के बिल का भुगतान करने मांगी 12 % रिश्वत 

मैं जब अपने काम के बिल 15 लाख रुपए के भुगतान के लिए नगर पालिका सीएमओ  गजानन नाफड़े से मिला तो उन्होंने कहा तुम्हारी पत्नी के कार्य के भुगतान का 12% मुझे रिश्वत के रूप मैं चाहिए तब मैं तुम्हारे 15 लाख रुपए का भुगतान करूंगा। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने सत्यापन कराया और रिश्वत मांगने का सबूत मिलने के बाद ट्रैप प्लान की और आज मंडला पहुंच गई।

कार्यालय में ली रिश्वत CMO गिरफ्तार  

लोकायुक्त टीम ने शिकायतकर्ता ठेकेदार ज्ञानचंद बैन को 2 लाख रुपये लेकर नगर पालिका भेजा उसने  सीएमओ  गजानन नाफड़े को उनके केबिन में जिसेस हो 2 लाख रुपये दिए टीम ने उसे रंगे हाथ पकड़ लिया, उससे रिश्वत की राशि भी बरामद क्र ली और उसके विरुद्ध  भ्रष्टाचार निवारण  अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया।

Atul Saxena
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पत्रकारिता में तीन दशक से अधिक का अनुभव.

पत्रकारिता मेरे लिए एक मिशन है, हालाँकि आज की पत्रकारिता ना ब्रह्माण्ड के पहले पत्रकार देवर्षि नारद वाली है और ना ही गणेश शंकर विद्यार्थी वाली, फिर भी मेरा ऐसा मानना है कि यदि खबर को सिर्फ खबर ही रहने दिया जाये तो ये ही सही अर्थों में पत्रकारिता है और मैं इसी मिशन पर पिछले तीन दशकों से ज्यादा समय से लगा हुआ हूँ.... पत्रकारिता के इस भौतिकवादी युग में मेरे जीवन में कई उतार चढ़ाव आये, बहुत सी चुनौतियों का सामना करना पड़ा लेकिन इसके बाद भी ना मैं डरा और ना ही अपने रास्ते से हटा ....पत्रकारिता मेरे जीवन का वो हिस्सा है जिसमें सच्ची और सही ख़बरें मेरी पहचान हैं .... View all posts by Atul Saxena →
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