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मंदसौर: CM मोहन यादव ने किया 25 करोड़ के ‘श्री पशुपतिनाथ लोक’ का लोकार्पण, ई-कार्ट से किया परिसर का भ्रमण

Written by:Shyam Dwivedi
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मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंदसौर में शिवना नदी के तट पर लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से बने श्री पशुपतिनाथ लोक के पहले चरण का लोकार्पण किया। इस लोक में श्रद्धालुओं के लिए कई आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं और इसे एक प्रमुख तीर्थनगरी के रूप में स्थापित करने की योजना है।
मंदसौर: CM मोहन यादव ने किया 25 करोड़ के ‘श्री पशुपतिनाथ लोक’ का लोकार्पण, ई-कार्ट से किया परिसर का भ्रमण

मंदसौर। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मंदसौर में बहुप्रतीक्षित ‘श्री पशुपतिनाथ लोक’ के पहले चरण का लोकार्पण किया। शिवना नदी के किनारे विकसित किए गए इस भव्य परिसर का निर्माण लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत से हुआ है। इसका उद्देश्य श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं देना और मंदसौर को एक प्रमुख धार्मिक केंद्र के रूप में स्थापित करना है।

लोकार्पण कार्यक्रम के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री ने सबसे पहले भगवान पशुपतिनाथ मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने मंदिर परिसर के पुराने और नए स्वरूप को दर्शाती एक चित्र प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।

ई-कार्ट से भ्रमण और रुद्राकनी का अनावरण

पूजा के पश्चात मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने पालकी में विराजित भगवान पशुपतिनाथ की रजत प्रतिमा की आराधना की। इसके बाद वे ई-कार्ट पर सवार होकर पूरे पशुपतिनाथ लोक परिसर का भ्रमण करने निकले। उन्होंने निर्माण कार्यों की भव्यता और व्यवस्थाओं की प्रशंसा की।

इस अवसर पर एक विशेष आकर्षण 22 फीट ऊंचे ‘त्रिनेत्र रुद्राकनी’ का अनावरण रहा। इसके बीच में एक विशाल रुद्राक्ष स्थापित किया गया है, जो भगवान शिव के त्रिनेत्र का प्रतीक है। यह संरचना श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बन गई है।

यज्ञशाला में पूर्णाहुति और आधुनिक सुविधाएं

मुख्यमंत्री ने एम्फी थियेटर परिसर में बनी यज्ञशाला में मंत्रोच्चार के बीच यज्ञ में पूर्णाहुति भी दी। धार्मिक अनुष्ठानों से पूरा परिसर भक्तिमय हो गया। पशुपतिनाथ लोक को श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चार प्रवेश द्वारों के साथ विकसित किया गया है।

परिसर में एक ओपन एयर थियेटर बनाया गया है, जहां भविष्य में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जा सकेंगे। इसके अलावा, शिव-लीलाओं पर आधारित म्यूरल वॉल, सत्संग भवन, उद्यान, सेल्फी प्वाइंट, सुव्यवस्थित पाथवे और एक प्राथमिक चिकित्सा कक्ष भी स्थापित किया गया है, जिससे यह पूरा क्षेत्र एक तीर्थनगरी का स्वरूप ले चुका है।