प्रोटेम स्पीकर को मंत्री बनाए जाने का मामला,कांग्रेस ने लगाया संवैधानिक संकट उत्पन्न करने का आरोप

प्रोटेम स्पीकर को मंत्री बनाए जाने का मामला,कांग्रेस ने लगाया संवैधानिक संकट उत्पन्न करने का आरोप

मंदसौर/तरूण राठौड़

शिवराज मंत्रिमडंल में हुए विस्तार के बाद राज्य में एक बार फिर सियासी उठापटक तेज हो गई है। मंत्रिमंडल को लेकर कांग्रेस ने शिवराज सरकार पर गंभीर आरोप लगाए है कि प्रोटेम स्पीकर को आखिर मंत्री पद की शपथ कैसे दिला दी गई।

मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस नेता पशुराम सिसोदिया ने आरोप लगाया है कि आखिर प्रोटेम स्पीकर को मंत्री पद की शपथ कैसे दिला दी गई है। उन्होने कहा कि ये नियमों के सरासर विरुद्ध है और इससे तो यही लग रहा है कि शिवराज अपने खास लोगों को ही मंत्रिमंडल में शामिल करना चाहते हैं जिससे उनके खिलाफ पार्टी में मुखर हो रहे लोगों को साधा जा सके। परशुराम सिसोदिया ने कहा कि जगदीश देवड़ा शिवराज सिंह चौहान ही नहीं बल्कि उनकी पत्नी साधना सिंह के भी करीबी माने जाते हैं और इसीलिये सारे नियमों को ताक पर रखकर विधानसभा के प्रोटेम स्पीकर रहते हुए उन्हें मंत्री पद की शपथ दिला दी गई। जबकि पहले उनसे प्रोटेम स्पीकर पद से इस्तीफा लिया जाना चाहिए था। सिसोदिया ने कहा कि यह संवैधानिक संकट जैसी स्थिति है और इसके लिए बीजेपी जिम्मेदार है। दरअसल देवड़ा को मंत्री बनाना था तो पहले उनका प्रोटेम स्पीकर से त्यागपत्र लेना था फिर राजपत्र में उसका प्रकाशन होना था। राज्यपाल को किसी को नया प्रोटेम स्पीकर बनाना था और नये प्रोटेम स्पीकर को शपथ दिलाने के बाद ही देवड़ा को मंत्री बनाया जाना चाहिए था।

एक तरफ कांग्रेस शिवराज मंत्रिमंडल को लेकर आरोप लगा रही है वहीं मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंदसौर में तीन बार के विधायक यशपालसिंह सिसौदिया को स्थान न दिए जाने के विरोध में सिसौदिया समर्थक भी खुलकर सामने आ गए हैं। धरने पर बैठे समर्थकों ने सोशल मीडिया पर उन्हें मंत्रिमंडल में शामिल करने की मांग की है और ये तक कह डाला है कि कहीं ये फैसला बीजेपी के लिये उपचुनावों में भारी न पड़ जाए।

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