मंत्री जी पर आरोप, किसान को जूतों से मारने की दी धमकी, वीडियो वायरल

मंत्री जी पर आरोप, किसान को जूतों से मारने की दी धमकी, वीडियो वायरल

मंदसौर। मंदसौर के प्रभारी मंत्री और मध्यप्रदेश के जल संसाधन मंत्री हुकुम सिंह कराड़ा पर एक किसान ने गंभीर आरोप लगाया है। मंदसौर के सीतामऊ के नया खेड़ा गांव के रहने वाली सत्यनारायण नामक किसान आरोप है कि उसने एक कृषि भूमि ग्राम ढकनिया में खरीदी थी जिसमें उसका पता गलत हो गया था। लेकिन संशोधन की प्रक्रिया अपनाने के बाद भी उसकी समस्या का निराकरण नहीं हुआ जिसके कारण वह सभी लाभों से वंचित था। किसान के अनुसार 20 फरवरी को जब उसे पता कि मंत्री सीतामऊ मंडी प्रांगण में आ रहे है तो वह उनसे मिलने गया। लेकिन जब उन्हें आवेदन देने जा रहा था तो सीतामऊ थाना प्रभारी द्वारा न केवल उसे रोका गया बल्कि धमकी भी दी गई कि यहां के माहौल बिगाड़ेगा तो तुझे देख लिया जाएगा।

किसान का कहना है कि कार्यक्रम के बाद जब वो मंत्री से मिलने गया था मंत्री जी ने उससे पूछा कि तू वही है ना जो विधायक के भाषण के दौरान कागज ऊंचा कर रहा था । मेरे द्वारा हां कहने पर मंत्री जी ने कहा कि तू अगर मेरे जिला के शाजापुर मे होता तो तुझे लोग वही इतने जूते मारते कि तू मर जाता। किसान ने अपना आवेदन पुलिस अधीक्षक को दिया है और थाना प्रभारी व मंत्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है ।आवेदन मे यह भी लिखा है कि अगर उसे या उसके परिवार को कुछ होता है तो उसकी समस्त जिम्मेदारी इन्हीं लोगों की होगी।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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