मदद के लिए आगे आये ‘नन्हे योद्धा’, मजदूरों के लिए दान कर दी गुल्लक

मदद के लिए आगे आये ‘नन्हे योद्धा’, मजदूरों के लिए दान कर दी गुल्लक

मुरैना| संजय दीक्षित| मुरैना-जहां एक और पूरा देश कोरोना जैसी महामारी से लड़ रहा है| ऐसे समय में लोगों की मदद के लिए कई हाथ उठ रहे हैं|मुरैना जिले में बहन भाई ने गरीबों की मदद करने का बीड़ा उठाया है, दोनों भाई बहन ने कलेक्टर प्रियंका दास को अपनी पॉकेट मनी जोड़कर अपनी-अपनी गुल्लक दान की हैं|

दरअसल, पटी गली में रहने वाले दो स्कूली बच्चे आस्था पाराशर व संयम पाराशर ने अपनी गुल्लक मुरैना कलेक्टर को डोनेट की साथ में ही बच्चों ने बताया कि यह राशि उन्होंने गरीब लोगों को भोजन मिल सके इसके लिए दान की है क्योंकि लॉक डाउन की समय लोगों को काम नहीं मिल रहा है इसको चलते बहुत से परिवार ऐसे हैं जिनको भोजन के लिए भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है| इसी को देखते हुए इन दो बच्चों ने अपनी अपनी गुल्लक को दान में दिया हैं मुरैना कलेक्टर श्रीमती प्रियंका दास ने खुश होकर बच्चों को चॉकलेट्स और उनके परिवार वालों को शुभकामनाएं दी ।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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