कबरबिज्जू के मुँह पर फंसा डब्बा, लोगों ने मदद कर निकाला

कबरबिज्जू के मुँह पर फंसा डब्बा, लोगों ने मदद कर निकाला

मंदसौर।तरुण राठौर।

जहाँ लॉक डाउन के चलते लोग अपने घोर में है वही जंगली जानवर रोड पर दिखाई देने लगे है। आज मंदसौर में घनी बस्ती के नयापुरा रोड़ पर कबरबिज्जू दिखाई दिया। कबरबिज्जू के मुँह पर डिब्बा फसा हुआ था। भीषण गर्मी के चलते पानी की तलाश में कबरबिज्जू ने अपना मुंह डिब्बे में फंसा लिया। मुँह पर डिब्बा फंसा होने के कारण वह इधर उधर भागने लगा। जब स्थानी नागरिकों ने यह दृश्य देखा तो कुछ लोग मदद के लिये आगे आये। और रस्सी का फंदा बनाकर कबरबिज्जू के मुंह पर डाल गया और डिब्बे से उसे निजात दिलाई। वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची ओर उसे अपने साथ ले गई। सुबह 6:30 बजे की घटना है। ज्ञात रहे कि समीप ही कब्रिस्तान भी है। सम्भवतः वही से आया होगा।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews