तबादलों को लेकर मंत्री और एसपी आमने-सामने, मंत्री के निर्देश पर एसपी के अपने तर्क

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मंदसौर, डेस्क रिपोर्ट। मंदसौर जिले में 119 पुलिसकर्मियो के तबादलों का मामले ने तूल पकड़ लिया है। इस मामले में प्रभारी मंत्री के पत्र लिखने के बाद भी एसपी ने अभी तक तबादले निरस्त नहीं किए हैं और इसके पीछे कानून व्यवस्था बनाए रखने का लंबा चौड़ा कारण बता दिया है।

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मंदसौर जिले में एसपी सिद्धार्थ चौधरी द्वारा 30 जून 2021 को 119 पुलिसकर्मियों के लिए गए तबादले विवाद का विषय बन गए हैं। दरअसल प्रदेश में 24 जून को मंत्रियों को जिलों का प्रभार देने की घोषणा हुई थी और मंदसौर जिले का प्रभार उद्योग मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव को दिया गया था। 30 जून 2021 को एसपी सिद्धार्थ चौधरी ने 119 पुलिसकर्मियों के तबादले जिले में विभिन्न स्थानों से दूसरे थानों में कर दिए। एसपी की इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए मंदसोर जिले के जनप्रतिनिधियों ने प्रभारी मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव को लिखित और मौखिक रूप से अवगत कराया कि एसपी द्वारा की गई इस कार्रवाई में किसी भी जनप्रतिनिधि को विश्वास में नहीं लिया गया है तथा सभी ने तबादलों को तत्काल निरस्त करने की मांग की थी। इसके बादमश मंत्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव ने एसपी को पत्र लिखा और एसपी के द्वारा किए गए तबादलों को उचित नहीं मानते हुए उन्हें तत्काल निरस्त करते हुए एसपी को इसका आदेश निकालने को कहा। लेकिन इस पत्र के जवाब में एसपी कार्यालय से एक और पत्र मंत्री जी को जारी हो गया और इस पत्र में कहा गया यह तबादले की सूची स्थानांतरण नीति जारी होने उसमें प्रभारी मंत्री की भूमिका का उल्लेख होने से पहले की हैं एवं पुलिस मुख्यालय के नियमों का पालन करते हुए ही तबादले किए गए हैं। एसपी ने यह भी लिखा है कि कानून व्यवस्था एवं सुरक्षा के दृष्टिगत इन स्थानांतरण आदेश को निरस्त किए जाना उचित नहीं लग रहा है और इससे कर्मचारियों के मनोबल पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। एसपी ने यह भी लिख दिया कि जिले में जो स्थिति है उसे देखते हुए इस सूची को निरस्त किया जाना संभव ही नहीं है।

यह पत्र मिलने के बाद एसपी को एक और पत्र प्रभारी मंत्री की तरफ से गया लेकिन एसपी ने इसके बाद भी तबादले निरस्त नहीं किए। कुल मिलाकर तबादलों का मुद्दा मंदसौर जिले में विवाद का विषय बन गया है जिसमें एक तरफ भाजपा के सभी जनप्रतिनिधि और प्रभारी मंत्री हैं तो दूसरी तरफ एसपी। हालांकि उज्जैन में ऐसा ही मामला होने पर वहां के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा ने पूरी सूची को ही निरस्त कर दिया था लेकिन मंदसौर में एसपी साहब का जलवा बरकरार है।

Shruty Kushwaha
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Shruty Kushwaha

पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J.), 2001. 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल और लाइव इंडिया मुंबई में कार्य.

2001 में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से पत्रकारिता में स्नातकोत्तर (M.J, Masters of Journalism)। 2001 से 2013 तक ईटीवी हैदराबाद, सहारा न्यूज दिल्ली-भोपाल, लाइव इंडिया मुंबई में कार्य अनुभव। साहित्य पठन-पाठन में विशेष रूचि। View all posts by Shruty Kushwaha →
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