लॉक डाउन में भी राजनीति चमकाने से बाज नहीं आ रहे है MP के BJP विधायक

लॉक डाउन में भी राजनीति चमकाने से बाज नहीं आ रहे है MP के BJP विधायक

मंदसौर।तरुण राठौर।
नगर में महामारी का प्रकोप चल रहा है। जिससे बचने के लिए प्रशासन लॉक डाउन लगा रखा है। इसके चलते कई गरीब परिवारों के समाने रोजी रोटी का संकट खड़ी हो गया है। विपदा की इस घड़ी में नगर के कई समाजसेवियों सहित प्रशासन इन लोगो को रोज खाना व पानी व्यवस्था कर रहा है। इस दौरान विधायक यशपालसिंह सिसोदिया ने क्षेत्र के 5000 इन गरीब और जरूरत मंद परिवारों को राहत का सामान पहुचाने का बीड़ा उठाया है।

इसके लिए उन्होंने राशन की किट तैयार की। जिसमें आटा , दाल सहित अन्य उपयोगी वस्तु है। जिसको एक कट्टे में पैक कर कर दिया जा रहा है। जिसपर विधायक सहित प्रधानमंत्री व पार्टी का फोटो है। जो इस संकट की घड़ी में भी राजनीतिकरण का घोतक है। क्योंकि ये समय राजनीति करने का नही इस समय एक होकर विपता से लड़ने का है। पर बीजेपी के विधायक है कि वह इस प्रकार की किट बाटकर क्या दर्शाना चाहते है। जबकि अन्य सामाजिक संगठन खाने के साथ किट बाट रही है। पर उनपर इस प्रकार का कोई राजनीतिक पार्टी का चिन्ह नहीं है। जिसको लेकर जनता का कहना है विधायक अपनी राजनीति चमकाने में लगे। जबकि विधायक इससे गलत नहीं मानते है।
इस कीट में 5 किलो आटा व 1 किलो दाल है जो अलग अलग पैक की गई है उन अलग अलग पैक पर भी विधायक का फोटो सहित प्रधानमंत्री का फोटो है। जिन्हें विधायक अपने कार्यकर्ता के माध्यम से बटवा रहे है। जो कार्यकर्ता बाट रहे वह न तो मास्क पहन रहे है नहीं सोशल डिटेन का पालन कर रहे है। साथ इस कीट का फोटो सोशल साइड पर डालते हुए विधायक आभार जताया रहे है। मानो जैसे राशन बातकर जनता पर ऐसान किया है। जबकि ये तो उनका अधिका है कि वह इस मुशीबत के समय में उनका साथ दे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews