तेज बारिश में खुली नगर पालिका की पोल,कई इलाकों में जलभराव,पेड़ गिरने से सड़कें जाम

तेज बारिश में खुली नगर पालिका की पोल,कई इलाकों में जलभराव,पेड़ गिरने से सड़कें जाम

मंदसौर/तरूण राठोड़

शहर में जिस बात की आशंका थी वही हुई, मंगलवार को तेज बारिश में शहर के लगभग सभी क्षेत्र में बारिश का पानी जमा हो गया। ये सब नगरपालिका की उदासीनता की वजह से हुआ क्योंकि उन्होंने समय रहते नगर में स्थित नालों ओर नालियोंं की सफाई नहीं कराई और अधूरे पड़े नालो का समय पर निर्माण नहीं कराया। जिससे बारिश होते ही वो चोक हो गए। बारिश का पानी सड़कों पर भर गया और देखते ही देखते रोड तालाब में तब्दील हो गई।

इतना ही नहीं, तेज हवा के चलते शहर में कई स्थानों पर पेड़ भी गिर गए जिस कारण रास्ता ब्लॉक हो गया। गनीमत ये रही की इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। परंतु उस क्षेत्र की विद्युत लाइन प्रभावित हुई है। क्योंकि ये लाइन इन पेडों के बीच से होकर गुजरती है और पेड़ गिरने की वजह से क्षतिग्रस्त हो गई है। नयापुरा रोड, श्रीकोल्ड चौराहे सहित शुक्ला चौक सहित अनेक स्थान है कई कालोनियों में भी जलभरावव की स्थिति बनी हुई है। इन हालात ने पिछली बारिश की याद दिला दी है क्योंकि पिछली बारिश में भी यही स्थितियां बनी थी। लोगों ने काफी नुकसान उठाया था जिसका मुआवजा उन्हें आज तक नहीं मिला है। लेकिन फिर भी प्रशासन ने सबक नहीं लिया और कोई कोई ठोस कदम नहीं उठाया। इस बारिश में भी  हालत एक बार फिर वैसे ही बनते नजर आ रहे हैं।

Gaurav Sharma
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निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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