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सिंहस्थ-2028 से पहले बदलेगा पशुपतिनाथ मंदिर का स्वरूप, भक्तों के लिए बढ़ेंगी सुविधाएं

सिंहस्थ 2028 को देखते हुए मंदसौर के पशुपतिनाथ मंदिर में भी तैयारी का क्रम शुरू हो गया है। मंदिर समिति की बैठक में विकास कार्यों पर विस्तृत चर्चा की गई।
Pashupatinath Temple

मंदसौर का पशुपतिनाथ मंदिर भक्तों के बीच बहुत प्रसिद्ध है। यहां स्थानीय लोगों के साथ आसपास के क्षेत्रों से आने वाले श्रद्धालुओं की भी भीड़ देखने को मिलती है। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए भक्तों की संख्या में इजाफा होने की भी उम्मीद है।

इसी को लेकर कलेक्टर दिव्यांक सिंह की अध्यक्षता में मंदिर प्रबंध समिति की बैठक का आयोजन किया गया। मंदिर परिसर के सभागार में हुई इस बैठक में मंदिर समिति के पदाधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

मंदिर के विकास पर चर्चा

इस बैठक के दौरान मंदिर से जुड़े विकास कार्यों पर चर्चा की गई। ये तय किया गया है कि मंदिर से जुड़े सभी विकास कार्यों को प्लान A, प्लान B और प्लान C के तहत प्राथमिकता के आधार पर बांटकर पूरा किया जाएगा। इसके लिए मास्टर प्लान बनाने पर भी जोर दिया गया है ताकि काम तय समय में सही तरह से पूरे हो सकें।

पुजारियों का वेतन और संख्या

बैठक के दौरान मंदिर में पुजारियों की संख्या बढ़ाने से लेकर वर्षों से पशुपतिनाथ महादेव की सेवा कर रहे पुजारियों का वेतन बढ़ाने पर भी चर्चा हुई है। वहीं प्रतिमा का क्षरण कम हो इसलिए अभिषेक में आरओ जल का इस्तेमाल करने पर भी विचार विमर्श किया गया है।

इन सुविधाओं पर चर्चा

सिंहस्थ में अधिक श्रद्धालु पशुपतिनाथ दर्शन के लिए आ सकते हैं। ऐसे में उनकी सुविधा को देखते हुए भक्त निवास बनाने पर जोर दिया गया। इसके लिए जमीन खरीदने और उपलब्ध जमीनों को बढ़ाने जैसे विकल्पों पर चर्चा हुई। ये भी तय किया गया कि मंदिर की एक ऑनलाइन वेबसाइट तैयार की जाए। ऑनलाइन सुविधाएं बढ़ाई जाए ताकि मंदिर की व्यवस्थाओं को डिजिटल बनाया जा सके।

बैठक के दौरान मंदिर परिसर और चंद्रपुरा में स्थित अतिथि गृह में लाइट सौर ऊर्जा से चलाने पर भी चर्चा हुई। दर्शन करने के लिए आने वाले भक्त शिवना नदी में पूजन सामग्री प्रवाहित करते हैं। भक्तों को नदी में पूजन सामग्री डालने से रोकने के लिए मंदिर परिसर में विशेष कलश लगाने पर भी विचार हुआ है। ताकि भक्त सामग्री उसमें डाल सके और नदी प्रदूषित न हो। इसके अलावा अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर भी चर्चा हुई।

Diksha Bhanupriy
लेखक के बारे में
"पत्रकारिता का मुख्य काम है, लोकहित की महत्वपूर्ण जानकारी जुटाना और उस जानकारी को संदर्भ के साथ इस तरह रखना कि हम उसका इस्तेमाल मनुष्य की स्थिति सुधारने में कर सकें।” इसी उद्देश्य के साथ मैं पिछले 10 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में काम कर रही हूं। मुझे डिजिटल से लेकर इलेक्ट्रॉनिक मीडिया का अनुभव है। मैं कॉपी राइटिंग, वेब कॉन्टेंट राइटिंग करना जानती हूं। मेरे पसंदीदा विषय दैनिक अपडेट, मनोरंजन और जीवनशैली समेत अन्य विषयों से संबंधित है। View all posts by Diksha Bhanupriy
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