वनमंत्री विजय शाह की मौजूदगी में आज चम्बल में छोड़े 20 घड़ियाल       

वनमंत्री विजय शाह की मौजूदगी में आज चम्बल में छोड़े 20 घड़ियाल       

मुरैना, संजय दीक्षित| देवरी घड़ियाल केंद्र में पल रहे 20 घड़ियालों (Crocodiles) को शुक्रवार को अपने एक दिवसीय मुरैना (Morena) प्रवास पर आए वनमंत्री विजय शाह की मौजूदगी में वन विभाग द्वारा चम्बल नदी में छोड़ा गया। इस दौरान श्री शाह सहित वन विभाग के सीपीएफ और ग्वालियर,भिंड, मुरैना, श्योपुर के डीएफओ ने मोटर बोट में सवार होकर संरक्षित चम्बल अभ्यारण इलाके का भृमण कर जायजा लिया। साथ ही चम्बल में पहले से विचरण कर रहे घड़ियालों को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की।

जानकारी के अनुसार  प्रदेश सरकार के वनमंत्री विजय शाह शुक्रवार की सुबह मुरैना आते ही वे वन विभाग ग्वालियर के सीपीएफ के साथ सबसे पहले  देवरी घड़ियाल केंद्र पहुंचे। जहां उन्होंने यहाँ पल रहे घड़ियालों के बच्चों को देखा और केंद्र की व्यवस्थाओं का मौका मुआयना किया। यहाँ व्यवस्थाओ में और सुधार करने के निर्देश सीपीएफ को दिए।  इसके बाद श्री शाह और सीपीएफ दोनों  राजघाट चम्बल पहुंचे। यहां पहले से ही मौजूद भिंड, मुरैना, ग्वालियर और श्योपुर के डीएफओ के साथ मोटर बोट में सवार होकर उन्होंने संपूर्ण संरक्षित चंवल अभ्यारण इलाके का निरीक्षण किया। इसके बाद वनमंत्री श्री शाह और सीपीएफ ग्वालियर की मौजूदगी में घड़ियालों के 20 बच्चों को देवरी केंद्र से ले जाकर चंवल में छोड़ा गया।

इस नजारे को देख वनमंत्री श्री शाह ने प्रसन्नता व्यक्त की। इस दौरान वनमंत्री श्री शाह ने कहा कि चम्बल अभ्यारण के रख रखाव में किसी भी प्रकार की कोताही वर्दाश्त नहीं की जाएगी। चम्बल में छोड़े गए इन नए घड़ियालों की विशेष रूप से निगरानी की जाएगी। श्री शाह ने कहा कि संरक्षित चंवल अभ्यारण में सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए जाए। इस इलाके से अवैध उत्खनन नहीं होना चाहिए। चूंकि चंवल से रेत का अवैध उत्खनन होने से घड़ियालों के लिये खतरा बना हुआ है।

चम्बल नदी में घड़ियाल छोड़े जाने और संरक्षित इलाके का मुआयना करने के बाद श्री शाह ने सभी डीएफओ की बैठक ली और आवश्यक दिशा निर्देश दिए। जिन पर शीघ्र ही अमल करने को कहा गया है।मंत्री श्री शाह वनकर्मियों पर बोले कि उनकी सुरक्षा के लिए गृहमंत्री,मुख्यमंत्री व वरिष्ठ अधिकारियों के साथ रणनीति बनाएंगे।अधिकारियों और कर्मचारियों ने वाइल्ड लाइफ का मध्यप्रदेश में नाम रोशन किया है इसलिए उनकी पीठ थपथपाने के लिए में ग्वालियर से मुरैना में आया हूँ।

Gaurav Sharma
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