Morena News : मुरैना के चंबल नदी में 30 घड़ियालों को छोड़ा गया। बता दें कि देवरी घड़ियाल केंद्र में 2020 बेच के 200 में से 30 घड़ियाल चंबल नदी के किनारे डांग बसई क्षेत्र में छोड़ दिए है। 120 घड़ियाल मुरैना-धौलपुर के बीच चंबल नदी के राजघाट के आसपास छोड़े जाएंगे। घड़ियाल केन्द्र पर वर्तमान में 350 घड़ियाल पल रहे हैं। इनमें से ऐसे घड़ियाल जिनको ढाई से तीन साल हो गई और उनकी लंबाई 120 सेमी की हो चुकी है। उन्हें रिलीज करने की तैयारी कर ली गई है।
[dgv_vimeo_video id=”783619674″]
वहीं, पिछले साल की तुलना में इस बार सौ घड़ियाल अधिक छोड़े जा रहे हैं। बता दें कि देवरी घड़ियाल केंद्र में पल रहे घड़ियालों को पेटियों में पैक करने के बाद सुरक्षित डांग बसई क्षेत्र में छोड़े गए है। हर साल 200 अंडे कलेक्ट किए जाते हैं और उनको देवरी घड़ियाल केंद्र पर उचित तापमान पर रखा जाता है। मई से जून महीने के बीच अंडों से बच्चे बाहर आते हैं, उनका ढाई से 3 साल तक केंद्र पर पालन पोषण किया जाता है। जैसे ही उनकी लंबाई 120 सेंटीमीटर की हो जाती है तो इनको चंबल नदी के अलग- अलग घाटों पर छोड़ दिया जाता है। चम्बल नदी में छोड़े गए घड़ियालो में 9 नर और 21 मादा है।
[dgv_vimeo_video id=”783619836″]
[dgv_vimeo_video id=”783619986″]
इस मौके पर SDO प्रतीक दुबे, सबलगढ़ SDO राकेश लहरी, SDO अंबाह भूरा गायकवाड, रेंजर लाखन शर्मा सहित वन अमला मौके पर मौजूद थे। वहीं, डीएफओ स्वरूप रविंद्र दीक्षित ने बताया कि 2022 के आखरी दिसंबर महीने में देवरी घड़ियाल केंद्र में पल रहे 200 घड़ियालों को अलग- अलग घाटों पर छोड़ा जाएगा। जिनमें से 50 घड़ियाल कूनो में छोड़े जाएंगे और 50 घड़ियालों को चंबल नदी किनारे डांग बसई क्षेत्र में छोड़ा जाएगा और बाकि बचे हुए घड़ियालों को चंबल नदी किनारे क्षेत्रों में छोड़ा जाएगा क्योंकि चंबल नदी किनारे यह डांग बसई क्षेत्र शांतिप्रिय है। बता दें यहां पर्याप्त मात्रा में मछलियां रहती हैं, जिससे घड़ियालों को भोजन करने में किसी भी तरह की परेशानी नहीं होगी।
मुरैना से संजय दीक्षित की रिपोर्ट
