हत्या के मामले में फरार 80 हज़ार के इनामी आरोपियों को किया गिरफ्तार

हत्या के मामले में फरार 80 हज़ार के इनामी आरोपियों को किया गिरफ्तार

मुरैना, संजय दीक्षित

पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया,अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ हंसराज सिंह एवं सीएसपी सुधीर सिंह कुशवाहा के निर्देशन में हत्या के मामले में फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।इस अभियान में सरायछोला थाना प्रभारी जयपाल सिंह गुर्जर को मुखबिर द्वारा सूचना मिली ₹10000 के इनामी आरोपी अपने घर से बाहर जाने के लिए सामान भर रहे हैं। मुखबिर की सूचना से पुलिस ने दो टीम बना कर आरोपियों के घर में दबिश दी तो आरोपी कोमल सिंह पिता रुस्तम सिंह गुर्जर उम्र 33 साल, रामवीर सिंह पिता राम अवतार सिंह गुर्जर उम्र 40 साल, राम ब्रिज पिता रुस्तम सिंह गुर्जर उम्र 25 साल, परमाल सिंह पिता रामनारायण सिंह उम्र 45 साल, रिंकू पिता हरेंद्र गुर्जर उम्र 30 साल, भूरा उर्फ योगेंद्र सिंह पुत्र एदल सिंह उम्र 34 साल, मुकेश पुत्र राम अवतार सिंह उम्र 36 साल एवं अपचारी बालक को घेरा बंदी कर गिरफ्तार किया गया।बाबरखेड़ा गांव में दो पक्षों में जमीन को लेकर आपसी विवाद हुआ था जिसमें एक पक्ष से भानु प्रताप गुर्जर, रामसहाय एवं दूसरे पक्ष के प्रकाश गुर्जर की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उक्त प्रकरण में भानु प्रताप ,रामसहाय गुर्जर निवासी बरखेड़ा की हत्या कर फरार हो गए थे। जिनकी गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक के द्वारा 10-10 हज़ार का इनाम घोषित किया गया था ।

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पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
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