मिलावटी दूध का कारोबार करने वालों पर खाद्य विभाग की छापामार कार्रवाई

मिलावटी दूध का कारोबार करने वालों पर खाद्य विभाग की छापामार कार्रवाई

मुरैना, संजय दीक्षित| कलेक्टर  (Collector) के निर्देशानुसार खाद्य विभाग (Food Department) की टीम ने मिलावटी दूध (Adulterated milk) का कारोबार करने वाले घर पर छापामार कार्रवाई की है। जिसमें भारी मात्रा में केमिकल और अन्य सामान मिला है। जिसका प्रयोग मिलावटी दूध बनाने के लिए किया जाता था।

जानकारी के अनुसार खाद्य विभाग के अधिकारी धर्मेंद्र जैन को सूचना मिली कि अंबाह थाना क्षेत्र के साधु का पुरा गांव में पंकज शर्मा पुत्र मुरारी लाल शर्मा के मकान में मिलावटी दूध का कारोबार चल रहा हैं। खाद्य विभाग के अधिकारी ने पुलिस की टीम के साथ मिलावटी दूध का कारोबार करने वाले पंकज शर्मा के घर पर छापामार कार्रवाई की तो भारी मात्रा में मिलावटी दूध बनाने का सामान रखा हुआ था।

पंकज शर्मा के मकान में संचालित डेयरी में करीब 300 लीटर दूध संग्रहित पाया गया है एवं दूध में मिलाने वाले माल्टो पाउडर 15 किलो, माल्टो डेक्सट्रिन का का घोल एवं हाइड्रोजन पराक्साइड 20 किलो मौके से जप्त किया गया है। दूध और माल्टो पाउडर घोल के नमूने जांच के लिए लैब में भेज दिए गए हैं। माल्टो डेक्सट्रिन पाउडर एवं हाइड्रोजन पराक्साइड को जप्त किया गया है। पंकज शर्मा मिलावट का कारोबार करने वालों को अपने निजी स्वार्थ एवं आर्थिक लाभ के लिए दूध में माल्टो पाउडर डालकर बेचता था। छापामार कार्यवाही करने वालों में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी धर्मेंद्र जैन ,अवनीश गुप्ता, रेखा सोनी, महेंद्र सिंह सिरोहिया सहित कई लोग उपस्थित थे।

Gaurav Sharma
लेखक के बारे में
Gaurav Sharma

निदेशक और संपादक

पत्रकारिता पेशा नहीं ज़िम्मेदारी है और जब बात ज़िम्मेदारी की होती है तब ईमानदारी और जवाबदारी से दूरी बनाना असंभव हो जाता है। एक पत्रकार की जवाबदारी समाज के लिए उतनी ही आवश्यक होती है जितनी परिवार के लिए क्यूंकि समाज का हर वर्ग हर शख्स पत्रकार पर आंख बंद कर उस तरह ही भरोसा करता है जितना एक परिवार का सदस्य करता है। पत्रकारिता मनुष्य को समाज के हर परिवेश हर घटनाक्रम से अवगत कराती है, यह इतनी व्यापक है कि जीवन का कोई भी पक्ष इससे अछूता नहीं है। यह समाज की विकृतियों का पर्दाफाश कर उन्हे नष्ट करने में हर वर्ग की मदद करती है। इसलिए पं. कमलापति त्रिपाठी ने लिखा है कि," ज्ञान और विज्ञान, दर्शन और साहित्य, कला और कारीगरी, राजनीति और अर्थनीति, समाजशास्त्र और इतिहास, संघर्ष तथा क्रांति, उत्थान और पतन, निर्माण और विनाश, प्रगति और दुर्गति के छोटे-बड़े प्रवाहों को प्रतिबिंबित करने में पत्रकारिता के समान दूसरा कौन सफल हो सकता है। View all posts by Gaurav Sharma →
Follow Us :GoogleNews